आल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट पर हिमाचल सरकार में मतभेद सामने आ रहे हैं। जहां मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने तकरीबन एक माह पहले ही टांडा मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को भेज दिया है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर मंडी के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने की पैरवी कर रहे हैं। इससे एम्स के विवाद में फंसने की आशंका बढ़ गई है। उधर, आईआईएम की जगह को लेकर ताजा विवाद चल रहा है।
खास बात यह है कि स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर उस मेडिकल कॉलेज को एम्स का दर्जा देने की वकालत कर रहे हैं, जोकि प्रदेश सरकार के अधीन आता ही नहीं है।