हिमाचल प्रदेश के 55 टोल बैरियरों पर अब नकद धनराशि के साथ डिजिटल पेमेंट सुविधा भी मिलेगी। टोल नीति 2022-23 में कर एवं आबकारी विभाग ने इस सुविधा को अनिवार्य तौर देने का प्रावधान किया है। बाहरी राज्यों के नंबर वाले वाहनों से प्रदेश में प्रवेश के दौरान शुल्क लिया जाता है। वाहन चालकों को नकदी देने के झंझट से छुटकारा दिलाने के लिए एक अप्रैल, 2022 से नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया है।
पड़ोसी राज्यों से हिमाचल आने के लिए 55 जगह कर एवं आबकारी विभाग ने टोल बैरियर स्थापित किए हैं। पूर्व में डिजिटल पेमेंट सुविधा को लेकर सख्ती नहीं बरती गई थी। बैरियर संचालकों से इस विकल्प को भी देने के लिए कहा गया था। कई बैरियरों पर यह सुविधा मिल रही है। अब वित्त वर्ष 2022-23 से टोल टैक्स बैरियरों पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य कर दी गई है।
अब बाहरी राज्यों के नंबर वाले वाहनों के चालक नकद धनराशि देने की जगह डेबिट, क्रेडिट कार्ड सहित क्यूआर कोड स्कैन के साथ अन्य डिजिटल पेमेंट मोबाइल एप्लीकेशन से भी टोल चुका सकेंगे। प्रदेश में वाहनों की श्रेणी और भार अनुसार 30 से 450 रुपये तक बैरियरों पर शुल्क लिया जाता है। एक बार वसूले गए शुल्क की वैधता 24 घंटे तक होती है। गत रविवार को प्रदेश मंत्रिमंडल ने सूबे में खुली बोली और टेंडर प्रक्रिया से टोल बैरियरों का आवंटन करने का फैसला लिया है।
डिजिटल पेमेंट सुविधा न देने पर लगेगा पांच हजार हर्जाना
टोल टैक्स बैरियरों पर डिजिटल पेमेंट सुविधा न देने पर संचालकों पर पांच हजार रुपये हर्जाना लगाया जाएगा। हर्जाना चुकाने के बाद भी अगर टोल बैरियरों पर यह सुविधा नहीं दी गई तो संबंधित बैरियर के संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।