पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने सरकार और कांग्रेस नेताओं पर धावा बोल दिया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश के कुछ राज्यों में हुए उपचुनाव के परिणामों पर कांग्रेसी इतरा रहे हैं।
यदि कांग्रेसियों को लगता है कि कांग्रेस ने आम चुनावों में खोई हुई लोकप्रियता हासिल कर ली है तो विधानसभा भंग कर हरियाणा के साथ-साथ यहां भी चुनाव करा लें। हकीकत सामने आ जाएगी।
धूमल पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मंडल हमीरपुर की ओर से जम्मू एवं कश्मीर बाढ़ प्रभावितों के लिए एकत्रित सामग्री भेजने के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बोर्डों, निगमों में अवैधानिक पद सृजित कर खजाने को लुटा रही है। आपदा में गरीब की गौशाला गिर जाती है तो उसे 500 रुपये और बोर्डों-निगमों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सलाहकारों पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
धूमल ने कहा कि विधानसभा चुनाव के वक्त हमीरपुर के कुछ कांग्रेसी हमीरपुर में कन्या महाविद्यालय खुलने का ढिंढोरा पीट रहे थे। पूछना चाहता हूं कि इस समय कॉलेज खुलने का क्या स्टेटस है।
रिपोर्ट ही नहीं मिली तो केंद्र से कब मांग ली मदद
धूमल ने कहा कि कुछ कांग्रेसी मित्र कह रहे हैं कि केंद्र सरकार ने आपदा राहत के लिए प्रदेश को कुछ नहीं दिया। हकीकत यह है कि राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों की कमी और हड़ताल के कारण आपदा से नुकसान के आकलन की रिपोर्ट जिला उपायुक्तों तक नहीं पहुंच पाई है। आकलन की रिपोर्ट केंद्र के पास पहुंचने के बाद ही राहत राशि जारी होती है।