स्पीकर खेनपो सोनम तेम्फेल ने तिब्बत मसले को लेकर समर्थन जुटाने के लिए एडवोकेसी के महत्व को रेखांकित किया। इस दौरान उन्होंने विशेष तौर पर तिब्बत मसले को लेकर समर्थन जुटाने के लिए तिब्बत के इतिहास, राजनीतिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के महत्व को समझाया।
तिब्बत मसले को उठाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में मजबूती देने के लिए निर्वासित तिब्बत संसद ने मंगलवार को तीन दिवसीय अहम बैठक की शुरुआत की है। यह बैठक तिब्बत मामलों के जानकार प्रो. मिशेल वान और माइक बील्टीज की देखरेख में हो रही है। स्पीकर खेनपो सोनम तेम्फेल ने तिब्बत मसले को लेकर समर्थन जुटाने के लिए एडवोकेसी के महत्व को रेखांकित किया। इस दौरान उन्होंने विशेष तौर पर तिब्बत मसले को लेकर समर्थन जुटाने के लिए तिब्बत के इतिहास, राजनीतिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के महत्व को समझाया।
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उन्होंने बताया कि तिब्बत मसले की वकालत करते समय उचित टर्मिनोलॉजी का इस्तेमाल किया जाना जरूरी है। इस दौरान तिब्बत-चीन संघर्ष की प्रकृति को समझने का भी प्रयास किया गया। बैठक में इस विषय पर भी गंभीरता के साथ चर्चा की गई कि कैसे तिब्बत का इतिहास क्यों मायने रखता है और तिब्बती इतिहास के किन प्रमुख पहलुओं का समझना बेहद जरूरी है।