अपने स्तर पर खड्डों में लगाए डंगे
सरकार और प्रशासन से किसी प्रकार की मदद न मिलने पर मांझी खड्ड किनारे बसे लोगों ने अपने घरों की सुरक्षा के लिए अपने स्तर पर ही डंगे लगा लिए हैं। जिन लोगों के पास पैसे की कमी है, वे अभी भी सरकार से आस लगाए बैठे हैं। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी लोगों के घर अभी भी असुरक्षित हैं।
शीला चौक से पासू तक मांझी खड्ड का तटीकरण किया जाएगा। इसके लिए आपदा के तहत 9.82 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। बरसात के बाद वहां क्रेटवाल लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। जल्द ही सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया जाएगा। - सुमित कटोच, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग मंडल धर्मशाला
बरसात से पहले सभी कमियों को पूरा किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए जा रहे हैं। बरसात से निपटने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। खड्डों के किनारे बसे प्रवासियों को वहां से हटाना आसान नहीं है, लेकिन इसके लिए कोई योजना जल्द बनाई जाएगी। -हेमराज बैरवा, डीसी कांगड़ा
पासू और शीला भटेहड़ पंचायत के लोगों स्वरूप कुमार, सुरेश कुमार, पासू पंचायत के प्रधान सुमित कुमार, शीला भुटेहड़ पंचायत की प्रधान सोनिया आदि का कहना है कि तीन साल बाद भी सरकार और प्रशासन ने पासू के प्राइमरी स्कूल की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
खड्ड किनारे क्रेटवाल तक नहीं लगाए। इस वजह से आज भी नन्हें बच्चों की जान सुरक्षित नहीं है। दोनों सरकारों ने कोई प्रयास नहीं किए। वहीं, विभाग पैसे न होने का रोना रोते रहते हैं। 2021 की बाढ़ में छह गांवों को जोड़ने वाला पासू पुल आज दिन तक पिलरों से आगे नहीं बढ़ पाया है। इसके अलावा प्राइमरी स्कूल में आज दिन तक डंगा नहीं लग पाया है।