दलाई लामा ने भारत के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि वे 66 वर्षों से शरणार्थी के रूप में यहां रह रहे हैं, लेकिन यहां की धार्मिक विविधता, सहिष्णुता और लोकतांत्रिक मूल्यों ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मैक्लोडगंज में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से भेंट की। यह मुलाकात गर्मजोशी और पारस्परिक सम्मान से भरी रही। दोनों नेताओं के बीच कई विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ।
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दलाई लामा ने भारत के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि वे 66 वर्षों से शरणार्थी के रूप में यहां रह रहे हैं, लेकिन यहां की धार्मिक विविधता, सहिष्णुता और लोकतांत्रिक मूल्यों ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि भारत में धर्म और संस्कृति को लेकर जो स्वतंत्रता और सम्मान देखने को मिलता है, वह दुनिया के कई देशों में दुर्लभ है।
भारत में रहकर उन्हें सच्चा आनंद और आत्मिक शांति का अनुभव होता है। वहीं, जगदीप धनखड़ ने इस मुलाकात को अपने जीवन का गर्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उनकी दलाई लामा से पहली आमने-सामने भेंट है। उन्होंने दलाई लामा को अद्वितीय और प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनके विचार और संदेश पूरी दुनिया को दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस धरती पर दलाई लामा जैसे महान व्यक्तित्व का होना मानवता के लिए सौभाग्य की बात है।