पुलिस थाना सदर में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के आठ वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 में प्राथमिकी दर्ज हुई है। यह शिकायत बैंक के सेवानिवृत्त उपमहाप्रबंधक कुलदीप चंद भारद्वाज निवासी ग्राम और डाकघर चेतडू, तहसील धर्मशाला, कांगड़ा की ओर से दर्ज कराई गई थी। शिकायत पत्र 17 जनवरी 2026 को पुलिस थाना धर्मशाला में प्राप्त हुआ। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से उनके विरुद्ध जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सेवा अवधि के अंतिम चरण में अवैध रूप से बर्खास्तगी, आर्थिक नुकसान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने जैसी गंभीर कार्रवाई की गई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रदेश उच्च न्यायालय की ओर से 18 दिसंबर 2025 को आंशिक राहत दिए जाने के बावजूद बैंक प्रशासन ने 20 दिसंबर 2025 की देर रात उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। सेवानिवृत्ति में मात्र दस दिन शेष थे। शिकायतकर्ता ने बैंक के अधिकारियों पर झूठे आरोप गढ़ने, दस्तावेजों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। पुलिस थाना धर्मशाला की ओर से उसी दिन पुलिस अधीक्षक कांगड़ा से कानूनी राय मांगी गई। पुलिस अधीक्षक ने आगे यह मामला पुलिस महानिदेशक शिमला-2 कार्यालय को भेजा गयाप्रथम दृष्टया मामला एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत पाया गया। एसपी अशोक रतन ने कहा कि बैंक के आठ अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज की है।