कोविड के बीच हिमाचल के लहसुन की मांग बाहरी राज्यों में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं। सबसे अधिक मांग तमिलनाडु से आ रही है। लहसुन की मांग बढ़ने से किसानों को भी इसके सही दाम मिल रहे हैं। पहले लहसुन 40 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। अब ग्रेड के हिसाब से लहसुन 50 से 100 रुपये किलो बिक रहा है। जानकारी के अनुसार हिमाचल का लहसुन औषधीय गुणों से भरपूर है। इसकी मांग देश भर में बढ़ी है।
हिमाचली लहसुन इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में रामबाण का काम करता है। कोविड महामारी से बचने के लिए भी लोग अब रोजमर्रा के भोजन में लहसुन का उपयोग पहले की तुलना में अधिक करने लगे हैं। इसके चलते देश की मंडियों में औषधीय गुणों से भरपूर हिमाचली लहसुन की मांग निरंतर बढ़ रही है। मौसम भी इस बार विपरीत रहा लेकिन सिंचित क्षेत्रों में लहसुन की फसल अच्छी हुई है। जो इलाके बारिश पर निर्भर रहते हैं, वहां लहसुन की फसल सूखे की चपेट में आ गई थी। इसके चलते लहसुन का साइज नहीं बन पाया।
जिस तरह से देश की मंडियों में लहसुन की मांग बढ़ रही है, उससे रुझान आ रहे हैं कि भविष्य में उत्पादकों को अपनी उपज के और अच्छे दाम मिलने की संभावना है। अभी तक सब्जी मंडी में एक हजार क्विंटल से अधिक लहसुन की खेप पहुंच चुकी है। सब्जी मंडी सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा कि कृषि उपज मंडी सोलन में सिरमौर से लहसुन बिक्री के लिए पहुंचना शुरू हो गया है। अभी तक मंडी में एक हजार क्विंटल से अधिक लहसुन पहुंच चुका है। तमिलनाडु में हिमाचल के लहसुन की अधिक मांग है। आगामी दिनों में जिला कुल्लू के अलावा अन्य जिलों से भी लहसुन बिक्री के लिए सोलन मंडी में पहुंचने की उम्मीद है।