प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने के लिए तैनात कर्मचारियों का मानदेय अब सीधे उनके बैंक खातों में जमा होगा। उन्हें कहीं भी पूछताछ और बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पहले स्कूलों के माध्यम से मिड-डे मील कर्मियों को मानदेय मिलता था।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। मिड-डे मील कर्मियों (कुक कम हेल्पर) को सीधे खाते में मानदेय डालने के लिए हर कर्मी का बैंक खाता होना जरूरी है। सीधे बैंक में मानदेय आने से उन्हें समय रहते मानदेय मिलेगा।
इसके लिए ब्लॉक को सभी औपचारिकताएं पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ब्लॉक को प्राथमिकता से सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। पूर्व में स्कूल के माध्यम से मानदेय मिलने से कई बार यह देर से मिलता था।
स्कूल खाते में नहीं जाएगा पैसा
सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक अब स्कूल खाते में किसी भी मिड-डे मील कर्मी का मानदेय नहीं ट्रांसफर किया जाएगा। इन्हें एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। इधर, सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मिड-डे मील कर्मचारियों को समय पर मानदेय न मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मानदेय बिना किसी झंझट के डायरेक्ट मिड-डे मिल कर्मियों को मिलना चाहिए। वहीं, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आरके पुर्थी ने मिड-डे मील के कुक कम हेल्पर्स को उनका मानदेय बैंक खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर करने के आदेश की पुष्टि की है।
डीएलएड ट्रेनिंग के बाद नियमित हो सकते हैं पैट
वहीं, प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने पैट की सेकेंड ईयर ट्रेनिंग और बीएड प्रशिक्षित पैट की डीएलएड ट्रेनिंग की अधिसूचना जारी कर दी है। इसे पूरा करते ही पैट नियमित हो सकते हैं। इन शिक्षकों को सेवाएं देते हुए करीब 11 साल हो गए हैं।
ये अध्यापक वर्ष 2003 से दूरदराज के स्कूलों में तैनात हैं। आल इंडिया अस्थाई अध्यापक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौहान और प्राथमिक सहायक अध्यापकों की समस्त प्रदेश कार्यकारिणी ने सभी अध्यापकों को जल्द सेकेंड ईयर की 6000 रुपये प्रति अध्यापक फीस और बीएड पैट से 5000 प्रति अध्यापक प्रारंभिक शिक्षा निदेशक शिमला के नाम ड्राफ्ट भेजने की अपील की है।
यह ड्राफ्ट 25 जून तक विभाग को मिलने चाहिए। विभाग में जितनी जल्दी फीस जमा होगी, उसी के अनुसार अध्यापकों को किताबें देने और ट्रेनिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। पैट संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी चंदन नेगी ने कहा कि कुल्लू जिले के पैट ने पूर्व में 2011 और 2012 के टीए और डीए की राशि जारी करने की मांग की है। प्रदेश के सभी जिलों में यह राशि दे दी गई है।
कुल्लू जिले के पैट की प्रति अध्यापक ढाई से तीन हजार राशि अभी तक नहीं दी गई है। इस पर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकार से बजट मांगा गया है। जैसे ही बजट आएगा, यह राशि दे दी जाएगी।