सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश की बैठक शुक्रवार को प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में हुई। महासचिव प्रेम गौतम ने बताया कि केंद्र सरकार की देश, जनता, कर्मचारी और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय फेडरेशनों के साथ मिलकर 23 और 24 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसमें मजदूर संगठन सीटू भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का अनुसरण कर रही है। केंद्र सरकार ने केवल 2600 रुपये मासिक वेतन लेने वाले मिड डे मील वर्करों के वेतन में पिछले बारह वर्षों में एक भी रुपये की बढ़ोतरी नहीं की है। कोरोना काल में शानदार कार्य करने वाले आंगनबाड़ी कर्मियों को हिमाचल प्रदेश में हरियाणा के मुकाबले केवल आधा वेतन दिया जा रहा है। आईसीडीएस के निजीकरण की साजिश रची जा रही है।
कोरोना योद्धा आशा कर्मियों का भारी शोषण किया जा रहा है। मनरेगा और निर्माण मजदूरों को हिमाचल प्रदेश कामगार कल्याण बोर्ड के आर्थिक लाभों व रोजगार से वंचित किया जा रहा है। आउटसोर्स कर्मियों को बारह घंटे की ड्यूटी का मात्र तीन हजार से नौ हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। बैठक में डॉ. कश्मीर ठाकुर, प्रेम गौतम, जगत राम, रमाकांत मिश्रा, रविंद्र कुमार, सुदेश कुमारी, केवल कुमार, भूपेंद्र सिंह, राजेश शर्मा, राजेश ठाकुर, बिहारी सेवगी, अजय दुलटा, कुलदीप डोगरा, ओमदत्त शर्मा, अशोक कटोच, गुरनाम सिंह, हिमी देवी, मदन नेगी, भूप सिंह भंडारी, नरेंद्र विरुद्ध, मोहित वर्मा, नीलम जसवाल, रंजन शर्मा, गुरदास वर्मा, विजय शर्मा, बालक राम, किशोरी ढटवालिया, सुनील मेहता, दलीप सिंह, रणजीत ठाकुर, बलबीर सिंह, नीलदत्त, रिंकू राम, राम प्रकाश, पवन कुमार मौजूद रहे।