सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
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बीपीएल परिवारों के गलत चयन पर पूछे गए सवाल पर मंत्री के जवाब के बीच विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान अनुपूरक सवाल का मौका न देने पर भाजपा विधायक रोष जताते हुए सदन से बाहर चले गए। सीएम वीरभद्र सिंह ने विपक्ष के वाकआउट को बेवजह करार दिया।
कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा से प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि क्या बीपीएल परिवारों के चयन पर पिछली बार सर्वेक्षण किया गया? क्या सरकार कोई नया सर्वेक्षण करेगी? जवाब में अनिल शर्मा ने कहा कि पिछला सर्वेक्षण 2003 में हुआ था। कोई नया सर्वेक्षण अभी नहीं किया जा रहा है।
अनिल शर्मा ने कहा कि भारत सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक आने वाले समय में बीपीएल परिवारों को सामाजिक-आर्थिक इंडिकेटर से चुना जाएगा। इस पर संजय रतन ने कहा कि नया सर्वेक्षण जरूरी है। आज जिसके पास गाड़ी है और पक्का मकान है, उसे बीपीएल में शामिल किया जा रहा है।
वर्तमान में 2,82,370 बीपीएल परिवारों को चुनने का टारगेट है, जबकि चयन केवल 2,82,278 लोगों का हुआ है। इस बीच प्रेमकुमार धूमल सहित विपक्ष के कई नेताओं ने बोलने को हाथ खडे़ किए। हिलोपा विधायक महेश्वर सिंह भी खडे़ हुए। शोर-शराबा होता रहा। स्पीकर बुटेल सीटों पर खड़े विधायकों को बैठाने का प्रयास करते रहे।
नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में विपक्ष के विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री अपनी सीट पर खड़े हो गए। कहा कि धूमल अपने विधायकों पर अपनी पकड़ खो चुके हैं। इसीलिए वे वाकआउट कर गए। स्पीकर बुटेल बोले, वे विपक्ष को समय दे रहे थे, पर पता नहीं विपक्ष ने क्यों वाकआउट किया।