हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र में एक परिवार पिछले 50 सालों से मवेशियों के साथ रहने पर मजबूर है। इस परिवार को आज तक किसी भी सरकार ने प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित नहीं किया। हालांकि, परिवार का नाम आवास योजना में चिह्नित परिवारों की सूची में जरूर डाला गया है। इस सूची में नाम डाले तीन वर्ष से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी योजना का नाम नहीं मिना है। इसकी वजह से आज भी यह परिवार कच्चे घर के एक हॉल में मवेशियों के साथ रहने पर मजबूर है। परिवार के मुखिया ने अपनी पंचायत की ऐसी कोई ग्रामसभा नहीं छोड़ी होगी, जिसमें उन्होंने आवास योजना का लाभ लेने के लिए अपनी आवाज न उठाई हो। हर ग्रामसभा में उन्हें मात्र आश्वासन ही मिले। यही कारण है कि आज दिन तक परिवार को आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
परिवार के मुखिया डील राम पुत्र पर्जा राम निवासी गांव लुणेख पंचायत चांजू आवास योजना के तहत अपने लिए अलग आशियाना बनाने के लिए कई बार प्रशासन और विभाग का दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन किसी ने भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। पिछली सरकार के समय प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम में भी परिवार ने अपनी समस्या उठाई थी, लेकिन वहां भी उन्हें आश्वासन ही मिले। अब प्रदेश में सरकार बदल चुकी है। ऐसे में परिवार को नई सरकार से उम्मीद है। परिवार ने जिला और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें आवास योजना के तहत घर बनाने की अनुदान राशि दी जाए। वर्ष 2020 में तत्कालीन उपमंडल अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को छह माह में परिवार को आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए अनुदान राशि जारी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक उन निर्देशों की पालना नहीं हो पाई।
डील राम का चयन आवास योजना के तहत हो चुका है। इस साल की सूची जैसे ही जारी होगी, उनके परिवार को प्राथमिकता के आधार पर आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए चयनित किया जाएगा। इसके लिए पंचायत की तरफ से पूरी व्यवस्था कर ली गई है। - टिको देवी, पंचायत प्रधान चांजू