जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों उपायुक्त को एक अज्ञात ईमेल से धमकी मिली है। इसमें लिखा गया है कि गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री ने झंडा फहराया तो वह मानव बम से हमला किया जाएगा। उपायुक्त शिमला ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीएनएस की धारा 351 (3), 353 (1)(बी), 152 के तहत केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। इससे पहले प्रदेशभर में कई सरकारी संस्थाओं को इसी तरह से बम से हमला करने की धमकी भरे ईमेल मिलते रहे हैं लेकिन ये ज्यादातर मामले जांच के दौरान भ्रामक और तथ्यहीन पाए गए हैं।
इसमें प्रदेश हाईकोर्ट, प्रदेश सचिवालय, जिला अदालतों समेत कई सरकारी कार्यालयों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी है। इसके बाद पुलिस ने सभी संस्थाओं के परिसरों में गहन जांच अभियान चलाया लेकिन इसमें किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं की गई है। इसके बावजूद गणतंत्र दिवस पर इस तरह की धमकी और भ्रम फैलाने वाली ईमेल को लेकर पुलिस, सीआईडी समेत अन्य जांच एजेंसियां सतर्कता बरत रही है। रिज मैदान पर सुरक्षा के लिए लिहाज से हथियारबंद पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
12 जनवरी को आया था ईमेल, एजेंसियां कर रही जांच
उपायुक्त को यह धमकी भरा ईमेल 12 जनवरी को आया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने इसकी सूचना जांच एजेंसियों को दी। पुलिस विभाग से लेकर सरकार के गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय तक एक हफ्ते से इस मामले की अपने स्तर पर जांच कर रहे थे। प्रशासन का कहना है कि गणतंत्र दिवस समारोह शिमला में हो रहा है, इसीलिए यह धमकी भरा ईमेल डीसी शिमला को भेजी गई। अब उपायुक्त की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर आमतौर पर सुरक्षा कड़ी ही होती है लेकिन अब पुलिस की तैनाती समेत सुरक्षा का दायरा और बढ़ाया जाएगा।