निर्वासित तिब्बत सरकार के आम चुनाव से पहले धर्मगुरु दलाई लामा के सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक संदेश ने तिब्बती समुदाय में हलचल तेज कर दी है। तेजी से वायर हो रहे इस संदेश में निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डॉ. लोबसंग सांग्ये का गुणगान किया गया है। धर्मगुरु के आफिस ने मामला संज्ञान में आते ही कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ऑफिस के अनुसार सोशल मीडिया में वायरल हो रहा दलाईलामा का पत्र फर्जी है। इस बीच, निर्वासित सरकार ने इस फर्जी पत्र मामले की जांच शुरू कर दी है।
दलाईलामा के ऑफिस से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि धर्मगुरु की छवि को खराब करने और तिब्बती लोगों की एकता में फूट डालने के मकसद से यह फर्जी पत्र लिखा गया है। ऑफिस ने तिब्बती समुदाय से भविष्य में में ऐसे नकली पत्र को लेकर सावधानी और सतर्कता बरतने की अपील की है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे दलाईलामा के फर्जी पत्र में लिखा गया है कि वर्तमान प्रधानमंत्री डा. लोबसंग सांग्ये ने बहुत अच्छा काम किया है। अगला निर्वासित प्रधानमंत्री भी सांग्ये के पदचिह्नों पर चले।
तिब्बती लोगों को ऐसे नेता का चुनाव करना चाहिए जो निवर्तमान प्रधानमंत्री लोबसांग सांगये के कार्यों को जारी रख सके। दूसरी ओर, निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री डॉ लोबसांग सांग्ये ने सोशल मीडिया में वायरल हो रहे दलाईलामा के इस फर्जी पत्र मामले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि कहा कि जिस किसी ने यह पत्र लिखा है, वह दुश्मनों के हाथ में खेल रहा है। सांग्ये ने तिब्बती लोगों से विभाजनकारी कार्यों में शामिल हुए बिना आगामी चुनावों में भाग लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि निर्वासित तिब्बत सरकार इस फर्जी पत्र मामले की जांच कर रही है।