फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

थाने के नाम पर चल रहा फर्जी कारोबार

विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश के सोलन नालागढ़ में पुलिस की नाक के तले नालागढ़ थाने की फर्जी मोहरें बनाकर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फर्जी पुलिस वेरिफकेशन का काम चलता रहा।
विज्ञापन


लेकिन पुलिस को इसकी कानोकान खबर नहीं लगी। लेकिन एसडीएम नालागढ़ की पैनी निगाहों ने ड्राइविंग लाइसेंस पर लगी पुलिस वेरीफिकेशन की मुहरें पहचान ली और मामला पुलिस को सौंपा। नालागढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को दबोचा है।

एसडीएम ललित जैन की शिकायत पर यह मामला प्रकाश में आया है। अंदेशा है कि काफी बड़े पैमाने में फर्जी पुलिस वेरीफिकेशन पर लाइसेंस इश्यू हो सकते हैं। लिहाजा उपमंडल प्रशासन आरएलए नालागढ़ से जारी लाइसेंसों को जांच सकती है।
विज्ञापन

Trending Videos

इस तरह पकड़ में आया मामला

बिलासपुर का एक युवक सुभाष अपना लाइसेंस बनाने के लिए नालागढ़ गया तो वहां उससे वेरिफिकेशन की जरूर पड़ी। इसी दौरान पहले से खड़े दलाल ने उससे संपर्क किया कि वह उनका पुलिस वेरिफिकेशन करा देंगे।

उन्हें थाने में जाने की जरूरत नहीं है। सुभाष का लाईसेंस एसडीएम ललित जैन के पास गया तो सभी के एक जैसे साइन व मोहर देखकर एसडीएम ने सुभाष की फाइल को जांच के लिए पुलिस थाने भेजी। सुभाष से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना मुहं खोल दिया।
विज्ञापन

इस तरह से चलता थ्‍ाा गोरखधंधा

अवैध कारोबार में गिरोह के सदस्य पुलिस वेरिफिकेशन की कॉपी को बड़े तरीके से स्कैन फोटो स्टेट कराते थे। इसके बाद वह वेरिफिकेशन कॉपी पर थाना प्रभारी के साइन की नकल और मोहर लगाते।

यह धंधा पिछले कई माह से चल रहा था। इसके बदले में लाइसेंस धारक से मोटी फीस वसूली जाती। बताया जा रहा है कि इस काम के एवज में 1000 से 2000 तक लिए जाते।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें