प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रावासों में पुलिस ने अचानक रेड डालकर एक- एक कमरे को चैक किया। कमरों से पत्थर, लोहे की छड़े और डंडे बरामद किए गए। दबिश में एसपी ने खुद चार हॉस्टलों के कमरों को जांचा।
यहां से भारी मात्रा में झगड़ों में इस्तेमाल करने वाली सामग्री मिलने से पुलिस भी हैरत में पड़ गई। कमरों में किताबों से ज्यादा डंडे और लोहे की छड़े थी। पुलिस ने इन चार हॉस्टलों से सारा सामान बोरियों में इक्ट्ठा किया और एक छोटे ट्रक में भर कर दूर नाले में फेंका।
विवि के दूसरे छात्रावासों में भी पुलिस देर रात रेड कर सकती है। उधर, पुलिस ने मंगलवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार हुए आरोपियों की संख्या 16 हो चुकी है। कुल 29 आरोपी नामजद है। इनकी तलाश की जा रही है।
प्रदेश विवि में एसएफआई और एबीवीपी के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद माहौल तनाव पूर्ण है। नैक की टीम भी विवि का निरीक्षण कर रही है। सोमवार को भी विवि में हुई पत्थरबाजी में तीन छात्रों के सिर फूट गए थे।
छावनी में बदलना पड़ा एचपीयू
नैक की टीम ने भी विवि में हो रहे झगड़े को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए छात्रों से शांति की अपील की थी। विवि को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया है। 24 घंटे पुलिस विवि में गश्त कर रही है। महकमे के आला अफसर खुद मौके पर तैनात हैं।
छात्र संगठनों के साथ बात कर शांति की अपील कर रहे हैं। नैक की टीम के सामने पहले ही विवि की किरकिरी हो चुकी है। छात्र संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि चार हॉस्टलों में रेड की गई है। वहां से भारी मात्रा में पत्थर, लोहे की छड़े और डंडे बरामद किए गए हैं। इन्हें एक ट्रक में भरकर दूर फेंका गया है। पुलिस 24 घंटे तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
दोनों छात्र संगठनों ने एसपी सौंपी शिकायत
एचपीयू में सक्रिय एबीवीपी और एसएफआई छात्र संगठनों ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था देखने को पहुंचे एसपी शिमला डीडब्लू नेगी को एक दूसरे संगठनों के खिलाफ आरोप लगाते हुए शिकायत पत्र सौंपे। इसमें दोनों संगठनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं कि छात्रा कार्यकर्ताओं पर भद्दे कमेंट करते है। एसपी शिमला ने दोनों संगठन कार्यकर्ताओं की बात सुनी और उनसे शांति की अपील की है।