अंतरराष्ट्रीय लवी मेले की सांस्कृतिक संध्या देखकर घर लौट रहे एक युवक की हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विजय कुमार हत्या के बाद चंडीगढ़ फरार हो गया था। यहां से दिल्ली जाने की फिराक में था लेकिन चंडीगढ़ में आरोपी को बीबी की याद आ गई।
उसने अपने ड्राईवर के मोबाइल पर कॉलकर बीबी से बात करने के लिए कहा। उस वक्त पुलिस आरोपी के घर पर मौजूद थी। एएसपी भजन देव नेगी ने आरोपी से मोबाइल पर बात की और उसे समझाया कि कब तक परिवार से दूर रहकर पुलिस से भागता फिरेगा।
एक दिन तो कानून की गिरफ्त में आएगा ही। इससे अच्छा है कि लौट आ और आत्मसमर्पण कर दे।
खुद शिमला लौटा आरोपी
आरोपी ने बात करने के बाद दिल्ली जाने का इरादा छोड़ दिया। चंडीगढ़ से शिमला लौट आया। शिमला से आरोपी ने एक बार फिर ड्राईवर के मोबाइल पर कॉल कर बात करने को कहा। उसने पुलिस के सामने शर्त रखी की अगर उसकी मां लौट आने के लिए कहती है तो वह आ जाएगा।
इस पर पुलिस ने उसकी मां से बात करवाई। मां की हामी भरने के बाद जब वह नोगली लौट रहा था तो रास्ते में वीरवार सुबह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद से पुलिस पर लगातार आरोपी को पकड़ने का दबाव बना हुआ था।
लोगों का आरोप है कि इस हत्या कांड में आरोपी की मां, मौसी और मंडी के रहने वाले एक व्यक्ति संतराम का भी हाथ है। यह इन्हीं के घर पर रहता है। लिहाजा पुलिस ने इन तीनों को भी हिरासत में ले लिया है। अब इस मामले के सुलझ जाने की बात महकमा कर रहा है।
मां और मौसी पर भी है हत्या का केस
विजय की मां पर उसके पिता की हत्या का आरोप भी है। आरोप है कि विजय की मां का साथ उसकी मौसी और संतराम ने दिया। अभी तीनों आरोपी जमानत पर हैं। पुलिस का कहना है कि कत्ल हुआ अजय कुमार और विजय एक ही गांव के हैं।
अजय का भाई कुशल ठाकुर पुलिस महकमे में कार्यरत है। कुशल ठाकुर के साथ विजय ने झगड़ा किया था। लेकिन कुशल ने इसको गंभीरता से नहीं लिया। आरोपी नोगली में मीट की दुकान चलाता है। आरोपी ने इलाके की ही एक उच्च जाति की लड़की के साथ प्रेम विवाह किया है।
लड़की को वह घर से भगाकर ले गया था। इसकी शेखी बघारते हुए आरोपी की कुशल से बहस हुई थी।
अजय का बड़े भाई था आरोपी का टारगेट
अजय की आरोपी विजय ने तेजधार हथियार से गर्दन रेत कर हत्या कर दी थी। वारदात को रामपुर से आठ किलोमीटर दूर नोगली पावर हाउस के पास मंगलवार देर रात साढ़े ग्यारह बजे अंजाम दिया गया। गर्दन पर तेजधार हथियार के वार से युवक को संभलने का मौका नहीं मिला।
अजय ने अपने बड़े भाई की जैकेट पहनी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी अजय के बड़े भाई को मारना चाहता था। अजय सांस्कृतिक संध्या देखने के बाद अपने दोस्तों रघुवीर सिंह और विजय कुमार के साथ बोलेरो कैंपर गाड़ी से घर लौट रहा था।
नोगली के साथ लगते पावर हाउस के पास पहुंचते ही इनकी गाड़ी खराब हो गई। तीनों गाड़ी से बाहर निकले। इतने में ही हमलावर ने अजय पर हमला कर दिया।