मानव भारती विवि के फर्जी डिग्री जारी करने का अहम सुराग पुलिस को मिल गया है। राजस्थान के माउंट आबू से लाए गए कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क की जांच में एसआईटी को शिकायतकर्ता ममता को डिग्री जारी करने के सुबूत मिले हैं। इसी डिग्री के आधार पर ममता ने रोजगार अधिकारी की नौकरी हासिल की थी और जांच के दौरान डिग्री फर्जी पाई गई। उसकी नौकरी चली गई। डिग्री के संबंध में उस समय मानव भारती विवि ने खुद इसे फर्जी करार देते हुए महिला के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था, लेकिन पुलिस ने हार्ड डिस्क से रिकॉर्ड निकाल लिया है। इस रिकॉर्ड में ममता को डिग्री जारी करने की जानकारी है।
मानव भारती विवि की जांच ममता की फर्जी डिग्री से ही शुरू हुई थी। ममता ने थाने में इसकी शिकायत की थी। विवि से एमए मनोवैज्ञानिक की डिग्री हासिल करने के बाद ममता ने हरियाणा में रोजगार अधिकारी का पद हासिल किया, लेकिन बाद में फर्जी डिग्री की शिकायत होने पर जब विभाग ने जांच की तो विवि प्रबंधन ने ऐसी डिग्री जारी होने से इंकार कर दिया। इसके बाद ममता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उन्हें नौकरी से भी हटा दिया। ममता ने धर्मपुर थाने में पुलिस पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि उसने डिग्री दो बार मानव भारती विवि में सत्यापित करवाई है।