हिमाचल की सिरमौर पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के दो सदस्यों को नशे की बड़ी खेप के साथ गिरफ्तार किया गया है। हिमाचल सहित हरियाणा, उत्तराखंड और यूपी में गिरोह सक्रिय है। सिरमौर पुलिस ने 20 दिन के भीतर ड्रग माफिया के खिलाफ दूसरी बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कालाअंब पुलिस सहायक निरीक्षक रमेश चंद के नेतृत्व में कालाअंब चौक पर 26 दिसंबर को रात को वाहनों की तलाशी चल रही थी। इसी दौरान त्रिलोकपुर की ओर से आ रही डस्टर कार की तलाशी ली गई। गत्ते की पेटी में रखे हुए सिरप की 175 शीशियां, 480 टेबलेट एवं 4320 कैप्सूल बरामद किए गए।
इसके अलावा 945 ग्राम अन्य पदार्थ भी पाया गया। इसकी पहचान नहीं हो पाई है। उसे जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। कार में बैठे आरोपी कपिल गर्ग तथा प्रदीप निवासी सढोरा जिला यमुनानगर हरियाणा को मौके से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को नाहन कोर्ट में पेश किया गया। जहां उन्हें 30 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
बीकॉम पास बन गया ड्रग माफिया
एसपी सौम्या ने ने बताया कि कपिल गर्ग ड्रग माफिया गिरोह का सरगना है। यह बीकाम पास है और कालाअंब के निजी फार्मा उद्योग में काम करता था। यहीं से ड्रग तस्करी को कई राज्यों में संचालित कर रहा था।
6 दिसंबर को यह पकड़े गए थे आरोपी
इससे पहले 6 दिसंबर को दिनेश, विनीत गुज्जर, रियाजुल एवं रितेश कुमार सभी सहारनपुर को भारी मात्रा में नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किए गए थे। जिले के कालाअंब और पांवटा साहिब औद्योगिक क्षेत्र एवं पड़ोसी राज्यों से सटे होने के कारण इन क्षेत्रों में पिछले एक साल के दौरान पांच युवाओं की नशे से मौत हो चुकी है। पांवटा में ड्रग्स के कारण चार माह में तीन मौतें हो चुकी हैं।
केमिस्ट की दुकानों की मांगी गई है रिपोर्ट: ड्रग कंट्रोलर
जिला दवा नियंत्रक रविंद्र चौधरी ने बताया कि सिरमौर जिले में कुल 284 केमिस्ट की पंजीकृत दुकानें हैं। इन्हें लाइसेंस आवंटित हुए हैं। ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इन दुकानों के लाइसेंसो की जांच कर उसकी रिपोर्ट दें।