एसआईटी की टीम शुक्रवार दोपहर बाद हमीरपुर पहुंची और जिस भवन में शराब होने की सूचना मिली थी, उसकी तलाशी ली। भवन मालिक ने एसआईटी को बताया कि यह भवन उसने कांगड़ा जिले के पालमपुर निवासी एक व्यक्ति को दिया है। करीब आठ घंटे तक चली इस लंबी कार्रवाई में एसआईटी को बड़ी कामयाबी मिली।
हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय हमीरपुर से सटी ग्राम पंचायत भरनांग में मंडी से पहुंची एसआईटी ने एक निजी भवन से 500 पेटी देसी शराब संतरा ब्रांड पकड़ी है। जिस व्यक्ति से शराब की यह बड़ी खेप पकड़ी है, वह न तो आबकारी विभाग में पंजीकृत है और न ही उसके पास मौके पर कोई लाइसेंस पाया गया। जिला पुलिस के नाक तले कोई व्यक्ति लंबे समय से शराब का अवैध कारोबार करता रहा, लेकिन जिला पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। एसआईटी की टीम शुक्रवार दोपहर बाद हमीरपुर पहुंची और जिस भवन में शराब होने की सूचना मिली थी, उसकी तलाशी ली। भवन मालिक ने एसआईटी को बताया कि यह भवन उसने कांगड़ा जिले के पालमपुर निवासी एक व्यक्ति को दिया है।
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करीब आठ घंटे तक चली इस लंबी कार्रवाई में एसआईटी को बड़ी कामयाबी मिली। देर रात 10 बजे तक एसआईटी शराब की पेटियों की गिनती में जुटी रही। शुक्रवार रात दस खबर लिखे जाने तक एसआईटी ने 500 पेटी शराब की गिनती कर चुकी थी। शेष स्टॉक की गिनती का कार्य चला हुआ था। आबकारी विभाग और हमीरपुर पुलिस को एसआईटी ने लौटा दिया। इससे पहले जब शाम के साढ़े छह बजे जब पुलिस अधीक्षक हमीरपुर डॉ. आकृति शर्मा को फोन किया गया तो उन्होंने बताया कि वह अभी व्यस्त हैं और शीघ्र बात करेंगी। रात नौ बजे उन्हें फोन किया तो उनके पीएसओ ने बताया कि एसपी मैडम अपना फोन गलती से उनके पास छोड़ गई हैं। वह अपने आवास पर चली गई हैं, सरकारी आवास पर लैंडलाइन नंबर भी नहीं, लेकिन 9:49 मिनट पर पुलिस अधीक्षक का फोन आया और बताया कि उन्हें भरनांग पंचायत में पकड़ी शराब की जानकारी नहीं है, एसआईटी ने यह कार्रवाई की है। हम किसी दूसरी जगह पर जांच के लिए गए हैं।