बुजुर्ग दंपति की हत्या में तीन छात्रों का हाथ सामने आया है। जिस समय आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया, उस वक्त उन्होंने प्रतिबंधित नशीली दवा का सेवन कर रखा था। इस बात का खुलासा आरोपियों से शुरुआती पूछताछ के दौरान हुआ है।
आरोपियों ने बताया कि कत्ल की योजना उन्होंने पहले ही तैयार कर ली थी। पहले आरोपी की पहचान निखिल चंदेल (21) निवासी शिलारू मत्याणा के तौर पर हुई है। यह एक निजी यूनिवर्सिटी एलआरयू सोलन में बीबीए-6 सेमेस्टर का छात्र है।
दूसरा आरोपी नितिन वर्मा (18) जलोग सुन्नी का रहने वाला है। यह बाहरा यूनिवर्सिटी से होटल मैनेजमेंट कर रहा है। यह भी फर्स्ट ईयर का छात्र है। तीसरा आरोपी रक्षक खाची (20) नंगल देवी ठियोग का रहने वाला है। यह भी एक एलआरयू यूनिवर्सिटी सोलन में बीबीए फर्स्ट ईयर का छात्र है।
इसके अलावा संदेह के आधार पर एक टैक्सी चालक और इनमें से एक आरोपी के पिता को भी पुलिस ने पकड़ा था। लेकिन जांच के बाद इन्हें छोड़ दिया गया है। लिहाजा पुलिस ने कत्ल का मामला हल कर तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
इस तरह रची साजिश, हत्या कर भागे
इस पूरे मामले की तफ्तीश डीएसपी ठियोग रतन नेगी ने अपने हाथ में ली। समय रहते आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल कर इलाके में फैली दहशत पर अंकुश लगाने में कामयाब रहे। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी प्रतिबंधित नशीली दवा का सेवन करने के आदी हैं। इनके पास नशे का सामान खत्म हो गया था और उसे खरीदने के लिए पैसे नहीं थे।
लिहाजा इन्होंने कलजार मत्याना पंचायत के गांव राव जुब्बड़ से चरस लेने की योजना बनाई। साथ ही इस बात का भी फैसला कर लिया था कि अगर उन्हें बुजुर्ग दंपति चरस नहीं देंगे तो वह उनकी हत्या कर देंगे। आरोपियों की योजना थी कि वह वहां जाएंगे और चरस लेकर उसे दिल्ली में बेच देंगे। आरोपियों ने एक टैक्सी किराये पर ली और गांव राव जुब्बड़ में बुजुर्ग दंपति अभिराम के घर में पहुंच गए।
उनके पास कुल 600 रुपये थे। संजौली से उन्होंने 1500 रुपये में टैक्सी किराये पर ली। मोबाइल पर ही 10 हजार में 200 ग्राम चरस का सौदा कर लिया था। जब वह वहां पहुंचे तो बुजुर्ग अभिराम ने उन्हें चरस से भरी एक बीड़ी पिलाई। लेकिन इस दौरान अभिराम जान चुका था कि इनके पास पैसे नहीं हैं। लिहाजा उसने कहा कि उसके पास चरस नहीं है। इस बात से बौखलाए आरोपियों ने तेजधार हथियारों से दंपति की हत्या कर दी।
इतना ही नहीं, जब वह मर भी गए उसके बाद भी दराट का वार किया। वहां से वह टैक्सी में शिमला की ओर निकल गए। ढली के नजदीक पुलिस नाका लगा हुआ था। वहां पुलिस ने उन्हें रोका। एहतियात के तौर पर इनके फोटो और मोबाइल नंबर लिख लिए थे इसके बाद इन्हें जाने दिया गया। जब दोहरे कत्ल का खुलासा हुआ तो इन्हें भी संदेह के घेरे में लाया गया। इनके पकड़ में आते ही दोहरे कत्ल से राज उठ गया।
एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि दोहरे कत्ल का मामला सुलझा लिया गया है। इसमें तीन छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। कत्ल का प्लान इन्होंने पहले ही बना लिया था, वह चरस लेने वहां पहुंचे थे। चरस न मिलने पर इन्होंने दंपति को मार डाला था। तीनों आरोपी नशे के आदी हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।