शिमला। राजधानी के कोटशेरा कॉलेज में बुधवार को दो छात्र संगठन आपस में भिड़ गए। इस हिंसा में दोनों गुटों के आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं को चोटें लगी हैं। इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
एबीवीपी और एसएफआई दोनों संगठनों ने इस हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। एक-दूसरे पर हथियारों से हमला करने के आरोप लगाए हैं। एबीवीपी के महानगर मंत्री रितिक पालसरा ने आरोप लगाया कि कोटशेरा कॉलेज में एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने छिपकर उनके कार्यकर्ताओं पर हथियारों के साथ हमला किया। एसएफआई पिछले कई दिन से परिसर का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है। एबीवीपी की छात्रा कार्यकर्ताओं पर भद्दे कमेंट किये जा रहे थे। इसका विरोध करने पर एसएफआई ने इस हिंसा को अंजाम दिया गया। पालसरा ने कहा कि इस हमले में उनके कई कार्यकर्ताओं को चोटें लगी हैं। आरोप है कि हमले में एसएफआई कि जिला और कॉलेज इकाई के कई पदाधिकारी भी शामिल है। एबीवीपी ने इन सभी छात्रों को कॉलेज से निष्कासित करने और इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उधर, एसएफआई के शहरी सचिव नीतीश राजटा ने आरोप लगाया कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को इवनिंग कॉलेज और संजौली कॉलेज में एसएफआई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। बुधवार को कोटशेरा कॉलेज में एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हथियारों के साथ हमला किया। कहा कि इस हमले में उनके पांच कार्यकर्ताओं को चोटें लगी हैं। इनमें से दो को अस्पताल ले जाकर सिटी स्कैन करवाया जा रहा है। राजटा ने हमला करने वाले एबीवीपी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग की है।
दो दिन पहले भी हुई थी झड़प, नहीं जागा कॉलेज प्रशासन
कोटशेरा कॉलेज में दोनों संगठनों के बीच बीते कई दिन से आपसी रंजिश चल रही है। सोमवार को भी दोनों सगठनों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थे। इसमें भी कई छात्रों को हल्की चोटें आई थी, लेकिन कॉलेज प्रशासन इस मामले में लापरवाह बना रहा। दोबारा ऐसी घटना न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से कुछ नहीं किया गया। अब बुधवार को अचानक दोनों संगठनों में लात घूंसे चल गए। कई कार्यकर्ता हथियार लेकर भी आए थे।
पुलिस भी बेखबर, डीएसपी बोले-कोई आइडिया नहीं
बुधवार को दिन के समय हुई मारपीट की इस घटना का शिमला की स्मार्ट पुलिस को शाम छह बजे तक पता तक नहीं चला। थाना पुलिस मामले को दबाने में लगी रही। इस बारे में पूछा तो जवाब मिला कि डीएसपी साहब ही जानकारी देंगे। उधर, जब इस एरिया के सुपरवाइजरी ऑफिसर डीएसपी कमल वर्मा से पूछा गया तो उनका जवाब था कि उन्हें इस घटना का कोई आइडिया नहीं है। शहर में चोरी समेत आपराधिक वारदातों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है लेकिन शिकायतों के बावजूद कई जगह पुलिस मौके पर भी नहीं जा रही। भाजपा पार्षद पूरन ने बीते हफ्ते खलीनी में हुई मारपीट की शिकायत न्यू शिमला थाने में दी थी। तब पुलिस का जवाब था कि उनके पास गाड़ी नहीं है। शिकायतकर्ता के गाड़ी भेजने पर ही पुलिस मौके पर आ सकेगी।