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चिट्टे के साथ कोटखाई के तीन बागवान गिरफ्तार, दवा लेने गए थे खरीद लाए नशा

Fri, 03 Jan 2020 09:39 PM IST
शिमला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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कोटखाई / शिमला। पड़ोसी राज्यों से चिट्टे (हेरोइन) की खेप जिला शिमला के छोटे-छोटे कस्बों में पहुंचाई जा रही है। इसका खुलासा देर रात पुलिस के हत्थे चढ़े तीन युवकों ने किया। इनसे पुलिस ने 99.75 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। आरोपियों की पहचान साहिल राज्टा, प्रज्वल जनार्था और अक्षय चौहान के तौर पर हुई है। तीनों आरोपी शिमला जिले के कोटखाई के रहने वाले हैं। तीनों युवकों बागवान बताए जा रहे हैं।

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आरोपियों ने बताया कि वह नशा छोड़ने की दवाईयां लेने पंचकूला गए थे लेकिन लौटते वक्त फिर से नशे की तलब जागी तो चिट्टा खरीद लिया। आरोपी अपनी गाड़ी में चंडीगढ़ गए थे। लौटते वक्त रात दस बजे पुलिस ने शोघी बैरियर पर लगाए नाके पर इनकी गाड़ी को तलाशी के लिए रोका। इससे तीन युवक पुलिस को देखकर घबरा गए। पुलिस ने तलाशी के दौरान कार के डैश बोर्ड से दो प्लास्टिक के पैकेट बरामद किए। इसे खोला तो इसमें दो अलग-अलग माइक्रोन की थैली थी। टीम ने इससे खोलकर चेक किया तो उसके अंदर बत्तीनुमा आकार में भूरे रंग का पदार्थ निकला।

जांच में पता चला कि यह चिट्टा है। इलेक्ट्रानिक तराजू से मापने पर इसका वजन 99.75 ग्राम पाया गया। इसके अलावा पुलिस ने इनसे कुछ दवाइयों के पैकेट और बोतलें बरामद की है। पुलिस के मुताबिक तीनों युवक पेशे से बागवान हैं जबकि इनमें से एक युवक ने इंजीनियर की पढ़ाई कर रखी है। शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया। एसपी ओमापति जमवाल ने बताया कि तीन युवकों को चिट्टे के साथ पकड़ा है। अदालत ने तीनों को पुलिस रिमांड पर भेजा है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस के मुताबिक चिट्टे की यह तीसरे सबसे बड़ी खेप पकड़ी है। बालूगंज पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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पुलिस की सतर्कता के बावजूद बढ़ रही तस्करी
चिट्टे का नशा अन्य नशे के मुकाबले ज्यादा फैल रहा है। नए साल में राजधानी में यह चिट्टे का यह पहला मामला पकड़ा गया है। मौजूदा समय में चिट्टे के मामलों में तेजी आई है। हालांकि पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चला रखा है। लेकिन पुलिस की सतर्कता के बावजूद चिट्टे का कारोेबार नहीं थम रहा। चिट्टे के नशे में नाबालिग और युवतियां भी संलिप्त हो गई हैं।

शहर पकड़े गए चिट्टे के मामले
पुलिस ने 28 नवंबर को भट्ठाकुफर से 2.60 ग्राम चिट्टे के साथ सिक्किम का युवक गिरफ्तार किया था। इसके अलावा 26 नवंबर को ढली में नाबालिग से 6.52 ग्राम, 21 नवंबर को ढली में युवक से 2 ग्राम चिट्टा, 9 नवंबर को सब्जी मंडी से युवक से 0.84 ग्राम चिट्टा और पांच नवंबर को छात्र से चिट्टे के साथ पकड़ी गईं थीं। दस दिसंबर को शोघी में किन्नौर के युवक से 38.47 ग्राम चिट्टा, 16 दिसंबर को टुटीकंडी में चार युवकों को 69.5 ग्राम और 29 दिसंबर को तारादेवी से रामपुर के युवक से 35.95 ग्राम चिट्टा बरामद किया था।

पैसे वालों को फांस रहा नशा माफिया
चिट्टे का नशा सबसे महंगा माना जाता है। आलम यह है कि एक डोज 1500 रुपये की मिलती है। लिहाजा महंगा नशा होने के कारण इस करने वाले भी अमीर घर के युवक हैं। नशा माफिया के टारगेट पर भी बड़े घरों के युवक रहते हैं ताकि आसानी से नशे की डोज बेची जा सके। चिट्टे की जिसने एक बार डोज ले ली वह हमेशा के लिए इसका गुलाम हो जाता है। फिर युवक इसके बिना नहीं रह पाते। चिट्टे की एक ग्राम की डोज छह हजार रुपये की है तथा एक ग्राम से दस डोज बनते हैं। यह नशा युवकों को पूरी तरह बर्बाद कर देता है।

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