बर्फ हटाने के बाद गुरुवार बहाल हो सकता है शिंकुला दर्रा
समुद्रतल से 16,500 फीट ऊंचा शिंकुला दर्रा गुरुवार को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया जाएगा। गत वर्ष यह मार्ग रिकाॅर्ड समय में 23 मार्च को बहाल हुआ था। इस बार फरवरी और मार्च में भारी बर्फबारी के चलते दर्रा देरी से बहाल हो रहा है। वहीं वर्ष 2022 को यह मार्ग 17 अप्रैल को खुला था। चार अप्रैल को यह मार्ग अधिकारिक तौर पर बहाल होने से लोग बर्फ से लकदक शिंकुला दर्रा होकर मनाली से जांस्कर होकर कारगिल तक आवाजाही कर सकेंगे। इस बार इस मार्ग पर भारी बर्फबारी हुई है। सीमा सड़क संगठन के 126 आरसीसी ने चार मार्च को बर्फ हटाने का काम शुरू किया था। मगर इस मार्ग को बहाल करने आसान नहीं है। बीते वर्ष पांच फरवरी को शिंकुला के साथ लगते छीका के पास हिमखंड आने से संगठन के तीन मजदूर दब गए थे।
सीमा सड़क संगठन के अनुसार शिंकुला दर्रा होकर गुजरने वाला मनाली-दारचा-जांस्कर मार्ग बेहद संवेदनशील है। कई हिस्सों में 20 से 25 फुट ऊंची बर्फ की दीवारों को काटकर आगे बढ़ना पड़ा है। बुधवार सुबह भी यहां रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। बावजूद संगठन के जवान शिंकुला दर्रा की बहाली के कार्यों में जुटे रहे। अब इस मार्ग के खुल जाने से लोग मनाली-केलांग-दारचा-शिंकुला पास पार कर पदुम होते हुए ले-लद्दाख के बीच आवाजाही कर सकेंगे। 126 आरसीसी के ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद कुमार ने बताया कि उनके जवानों ने शिंकुला दर्रा बहाल करने में खूब मेहनत की है। जवानों को शिफ्ट में माइनस तापमान के बीच दिन रात काम करना पड़ा है। ओसी ने बताया कि बर्फ हटाने का काम बुधवार को पूरा कर लिया है और वीरवार को मौसम ने साथ दिया तो शिंकुला दर्रा सड़क बहाल होगी।