घुमारवीं के कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी का इस्तीफा हाईकमान को नहीं मिला तो कहां फंसा रह गया है? धर्माणी के मुख्य संसदीय सचिव वन के पद से इस्तीफा दिए हुए 25 दिन हो गए हैं, मगर इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस इस्तीफे को कांग्रेस हाईकमान को भेजने की बात की थी। पर आलाकमान के नेताओं ने इस इस्तीफे पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
कांग्रेस के सूत्रों की मानें तो इस इस्तीफे पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने निर्णय लेना है। पर उन तक यह इस्तीफा ही नहीं पहुंचा है।
यह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नियंत्रण कक्ष में कहीं खो गया या फिर कहीं और जगह से ही गायब हो गया। इस पर सवाल उठ रहे हैं।
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो प्रदेश कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस इस्तीफे पर पार्टी के कुछ केंद्रीय नेताओं से बात की है, पर वहां इसका स्टेटस पता ही नहीं लग पा रहा है।
नहीं आया कोई फीडबैक
न ही मुख्यमंत्री कार्यालय में कोई फीडबैक आया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दिल्ली में हैं। हो सकता है कि उनके वापस लौटने के बाद धर्माणी का इस्तीफा मंजूर करने या नहीं करने पर कोई निर्णय ले लिया जाएगा।
मुख्य संसदीय सचिव वन राजेश धर्माणी ने कहा है कि इस पद की अहमियत कितनी है? इसका इस बात से पता लगता है कि एक महीना होने लगा है, मगर इस्तीफे पर कोई गौर नहीं हो रहा है। इससे ज्यादा क्या कह सकते हैं?