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Shimla: सीपीआरआई की एयरोपोनिक्स विधि से प्रति हेक्टेयर देश में दो टन बढ़ा आलू का उत्पादन

Fri, 31 Oct 2025 12:13 PM IST
Krishan Singh राकेश शर्मा, शिमला।

सार

सात राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मिजोरम, उड़ीसा, मध्य प्रदेश और बिहार सरकार सीपीआरआई से हवा में आलू उगाने की इस तकनीक को खरीद रही हैं। 
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सीपीआरआई की एयरोपोनिक्स विधि से बढ़ा आलू का उत्पादन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) की ओर से तैयार आलू की एयरोपोनिक्स तकनीक आज के दौर में सबसे सफल मानी जा रही है। इस विधि से तैयार बीज से देशभर में आलू के उत्पादन में प्रति हेक्टेयर दो टन बढ़ोतरी हुई है। पहले जो प्रति हेक्टेयर 23 टन पैदावार हो रही थी, वह अब 25 टन पहुंच गई है। सात राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मिजोरम, उड़ीसा, मध्य प्रदेश और बिहार सरकार सीपीआरआई से हवा में आलू उगाने की इस तकनीक को खरीद रही हैं। इसके अलावा 40 से ज्यादा कंपनियों को सीपीआरआई इस तकनीक को तैयार करने का लाइसेंस दे चुका है। एयरोपोनिक्स यानी हवा में आलू का बीज तैयार कर इससे उत्पादन किया जाता है। इस बीज की गुणवत्ता भी बेहतर मानी जाती है।

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इसका कारण यह है कि यह बीज खुले में तैयार होने से इसकी देखरेख सही तरीके से हो पाती है। इससे किसानों को भी लाभ हो रहा है, क्योंकि आलू की उत्पादकता बढ़ रही है। आज के दाैर में सीपीआरआई कुल बीज का 22 से 23 फीसदी इसी तकनीक से तैयार कर कंपनियों और राज्य सरकारों को सप्लाई कर रहा है। पंजाब सरकार और वहां के उत्पादकों ने इसे खरीदकर न केवल इस विधि का विस्तार किया, बल्कि अब पूरे देश में किसानों और बड़े-बड़े उत्पादकों को सप्लाई भी कर रहे हैं।इसके अलावा सीपीआरआई हर साल तीन हजार ब्रीडर सीड्स तैयार कर रहा है। संस्थान इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को देता है। मंत्रालय इसे आगे विभिन्न राज्यों और एजेंसियों को अलाॅट करता है। मंत्रालय से राज्य सरकारें जो बीज लेती हैं, उस बीज का अपने फार्मों में तीन साल तक गुणन करती हैं। इसके बाद प्रमाणित बीज तैयार होता है। इस बीज को राज्य सरकारें किसानों को आलू तैयार करने के लिए देती हैं।

देश में 95 फीसदी क्षेत्र में सीपीआरआई के दिए बीज से तैयार होता है आलू
सीपीआरआई शिमला के निदेशक डाॅ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि देश में 95 फीसदी क्षेत्र में उगने वाले आलू के लिए बीज सीपीआरआई देता है। 1949 में संस्थान की स्थापना से लेकर अब तक आलू के बीज की 76 किस्में तैयार की जा चुकी हैं। इनमें से लगभग 30 किस्में ऐसी हैं, जिनसे आज भी किसान आलू का उत्पादन कर रहे हैं।
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देश में 23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार हो रहा आलू
डाॅ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि सीपीआरआई की ओर से दिए गए विभिन्न किस्मों के बीज से देशभर में 23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की पैदावार हो रही है। हर वर्ष करीब 600 लाख टन यानी 60 मिलियन मीटि्रक टन उत्पादन हो रहा है। यह विश्व में दूसरे नंबर पर है। विश्व में आलू उत्पादन में पहले नंबर पर चीन है, जो 900 लाख टन उत्पादन कर रहा है।
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