दोषी से पकड़ी थी 3.860 किलो चरस, 3 सितंबर 2018 को ढली थाना में दर्ज हुआ था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने चरस के मामले में नेपाली मूल के एक व्यक्ति आस बहादुर को दोषी करार देते हुए दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अपर्णा शर्मा की अदालत ने बुधवार को यह सजा सुनवाई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के कोर्ट नंबर-1 की अदालत ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध के मामले का निपटारा करते हुए दोषी आस बहादुर (42) पुत्र जोग बहादुर निवासी ग्राम गैहरी जिला रुकम को यह सजा सुनाई। डीएसपी हेडक्वार्टर कमल किशोर वर्मा ने बताया कि 3 सितंबर 2018 को थाना ढली में मामला दर्ज किया गया था। एसआईयू टीम के मुख्य आरक्षी सुशील कुमार और ललित ने रात दस बजे आरोपी को छराबड़ा के पास से पकड़ा था। इसके पास से एक कपड़े का थैला मिला था जिसमें से 3.860 किलो ग्राम चरस बरामद हुई थी। जांच पूरी होने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।