बागवानी और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी आज धुरला फार्म का निरीक्षण करने जा रहे हैं। क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने की योजना के अध्ययन के लिए मई में बागवानी मंत्री की अगुवाई में 12 सदस्यीय दल आस्ट्रेलिया दौरे पर गया था।
केंद्र सरकार के क्लीन प्लांट प्रोग्राम ऑफ इंडिया में शिमला जिले के चौपाल में देश की पहली रूट स्टॉक रोग मुक्त नर्सरी स्थापित होगी। चौपाल के धुरला स्थित कृषि विभाग के फार्म में 15 हेक्टेयर भूमि पर सेब के एक लाख उच्च गुणवत्ता वाले रोग मुक्त पौधे तैयार करने का लक्ष्य है। बागवानी और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी आज धुरला फार्म का निरीक्षण करने जा रहे हैं। क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने की योजना के अध्ययन के लिए मई में बागवानी मंत्री की अगुवाई में 12 सदस्यीय दल आस्ट्रेलिया दौरे पर गया था। दल ने मेलबर्न और सिडनी के बागवानी विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्रों का दौरा कर क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने के लिए जरूरी जानकारी हासिल की थी।
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चौपाल में स्थापित होने वाली रूट स्टॉक रोग मुक्त नर्सरी में वायरस रहित सेब के पौधे तैयार होंगे। इससे बागवानों को अमेरिका और इटली जैसे देशों से महंगे पौधे आयात नहीं करने पड़ेंगे। नर्सरी बनने से जहां बागवानों को उच्च गुणवत्ता वाले वायरस मुक्त पौधे आयातित पौधों की तुलना में 4 गुना तक सस्ते मिलेंगे, वहीं पौधों को क्वारंटीन करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बागवानों को भी हिमाचल से पौधे उपलब्ध करवाने की योजना है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से देश में 10 केंद्र स्थापित किए जाने हैं, जिन पर करीब 2,000 करोड़ खर्च होंगे।
नर्सरी से 150 से 200 में मिलेगा एक पौधा
प्रदेश के बागवान हर साल करीब एक करोड़ सेब के पौधे आयात करते हैं। बागवान 700 से 800 रुपये प्रति पौधा कीमत चुकाते हैं। रूट स्टॉक रोग मुक्त नर्सरी स्थापित होने के बाद एक पौधा 150 से 200 रुपये में मिलेगा। नर्सरी में तैयार होने वाले पौधे कम जगह में अधिक संख्या में लग पाएंगे। पौधों में सामान्य के मुकाबले जल्दी फल लगेंगे। फलों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी और वायरस मुक्त होने से बीमारियों का खतरा भी नहीं रहेगा। - जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री