एनआईटी हमीरपुर में बिना मान्यता आर्किटेक्चर कोर्स शुरू करने का विवाद शनिवार को खत्म हो गया है। काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (सीओए) ने एनआईटी को शैक्षणिक सत्र 2023-24 में आर्किटेक्चर कोर्स शुरू करने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। एनआईटी रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोती और आर्किटेक्चर विभाग के एचओडी समेत तीन सदस्यीय टीम ने गत दिवस दिल्ली में सीओए के अध्यक्ष से मुलाकात कर विद्यार्थियों को पेश आ रही समस्याओं से अवगत करवाया था।
दरअसल, आर्किटेक्चर डिग्री कोर्स की पढ़ाई करवाने वाले प्रत्येक संस्थान को प्रत्येक वर्ष सीओए से अपनी मान्यता एवं संबद्धता का नवीनीकरण करवाना होता है। सीओए के विशेषज्ञों की टीम हर साल संबद्धता नवीनीकरण से पूर्व संबंधित संस्थान का निरीक्षण करती है। इसमें देखा जाता है कि संस्थान में विद्यार्थियों और संकाय का अनुपात सही या नहीं, भवन व कक्षा कक्षा समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त हैं या नहीं।
निरीक्षण के दौरान सीओए की ओर से निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले संस्थान को ही मान्यता प्रदान की जाती है, लेकिन एनआईटी हमीरपुर आर्किटेक्चर की संबद्धता का नवीनीकरण करने से चूक गया था। जिस कारण यहां से डिग्री कोर्स पूरा करने वाले विद्यार्थियों को कई तरह की दिक्कतों से जूझना पड़ा। एनआईटी हमीरपुर में स्नातक (बी-आर्क) में 290 विद्यार्थी और स्नातकोत्तर (एम-आर्क) में 50 विद्यार्थी हर साल शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
सीओए से मान्यता न मिलने के कारण विद्यार्थी और अभिभावक चिंता में हैं। अमर उजाला ने एक अगस्त के अंक में एनआईटी के आर्किटेक्चर विभाग के विद्यार्थियों की इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद एनआईटी प्रशासन हरकत में आया और दिल्ली पहुंचकर सीओए से मामला उठाया है। अब शनिवार को सीओए ने इस बारे में अपनी ओर से स्वीकृति प्रदान कर दी है।
ऐसे में विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है। एनआईटी हमीरपुर की रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोती ने कहा कि उन्होंने दिल्ली जाकर सीओए के प्रेजीडेंट से मुलाकात की है। एनआईटी में आर्किटेक्चर से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। शनिवार को इस बारे में ईमेल प्राप्त हुई है। एनआईटी में आर्किटेक्चर कोर्स के लिए सीओए ने मंजूरी प्रदान कर दी है।