आईजीएमसी शिमला में मंडी के किडनी रोगी कोरोना संक्रमित युवक की मौत के बाद शव को आधी रात बिना परिजनों की मौजूदगी से ही जला दिया गया था। इस दौरान शव जलाने वालों के पास पीईई किट तक नहीं थी। पीईई किट पहने अस्पताल के कर्मचारी शव को शमशानघाट में छोड़कर वापस चले गए थे।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अकेली महिला एसडीएम शहरी देर रात तक वहां व्यवस्था बनाने में जरूर लगी रहीं। इस अमानवीयता पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। याचिका में शव को केरोसिन-डीजल से जलाने का भी आरोप है। सरकार भी मामले की जांच कर रही है।