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पुलिस पहरे में हुई कोरोना संक्रमित मृतक की अंत्येष्टि, पीपीई किट पहनकर बेटे ने दी मुखाग्नि

Sat, 16 May 2020 06:23 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नेरचौक (मंडी)
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मंडी में कोरोना संक्रमित मृतक की अंत्येष्टि - फोटो : अमर उजाला
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स्थानीय लोगों के विरोध के बीच हिमाचल के हमीरपुर के कोरोना संक्रमित मृतक की अंत्येष्टि नेरचौक की सुकेती खड्ड के किनारे बने शमशानघाट में हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई। पुलिस पहरे और अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार हुआ। परिजनों को अंतिम दर्शन भी कराए गए। पीपीई किट पहने 25 साल के बड़े बेटे ने पिता को मुखाग्नि दी। शुक्रवार शाम को 52 वर्षीय कोरोना संक्रमित अस्थमा रोगी ने भोटा से नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही एंबुलेंस में दम तोड़ दिया था। इसके बाद शव को शवगृह में रखा गया।
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देर रात नेरचौक पहुंचे परिजनों की रजामंदी के बाद प्रशासन ने अंत्येष्टि मंडी के नेरचौक में करने का निर्णय लिया।  शनिवार सुबह करीब आठ बजे रेडक्रास के वालंटियर्स की मदद से जैसे ही शव सुकेती खड्ड लाया गया तो स्थानीय लोग विरोध करने पहुंच गए, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभाला और कड़े पहरे में अंतिम संस्कार करवाया। परिजनों की इच्छानुसार हिंदू रीति-रिवाज से संस्कार करवाने के लिए प्रशासन ने पंडित की भी व्यवस्था की। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि बल्ह प्रशासन ने रीति-रिवाज से परिजनों की इच्छानुसार मृतक की अंत्येष्टि की।
 
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शिमला में आधी रात को जला दिया था शव, नहीं था कोई परिजन 

आईजीएमसी शिमला में मंडी के किडनी रोगी कोरोना संक्रमित युवक की मौत के बाद शव को आधी रात बिना परिजनों की मौजूदगी से ही जला दिया गया था। इस दौरान शव जलाने वालों के पास पीईई किट तक नहीं थी। पीईई किट पहने अस्पताल के कर्मचारी शव को शमशानघाट में छोड़कर वापस चले गए थे।

हालांकि, प्रशासन की ओर से अकेली महिला एसडीएम शहरी देर रात तक वहां व्यवस्था बनाने में जरूर लगी रहीं। इस अमानवीयता पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। याचिका में शव को केरोसिन-डीजल से जलाने का भी आरोप है। सरकार भी मामले की जांच कर रही है। 
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