हिमाचल में आठ जून से होटल खोलने से प्रदेश के होटल मालिकों ने साफ इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि कोरोना के चलते प्रदेश में पर्यटक ही नहीं आएंगे तो होटल खोलकर बिना कमाई के कर्मचारियों को वेतन कहां से देंगे। गौर हो कि केंद्र सरकार ने जारी गाइडलाइंस में आठ जून से होटल खोलने को कह दिया है, लेकिन प्रदेश में जून अंत तक ही होटल खुलने के आसार हैं। उधर मंदिर खुलने को लेकर भी अभी सरकार असमंजस में है। इसलिए सरकार ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए प्रदेश के 35 प्रमुख मंदिरों के ऑनलाइन दर्शन करवाने की योजना बनाई है। उधर होटलों को खोलने के लिए प्रदेश सरकार केंद्रीय स्वास्थ्य और पर्यटन मंत्रालय की गाइडलाइंस को स्टडी कर रही है। बीते दिनों होटल यूनियनों और मालिकों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस के आधार पर मिले सुझावों और आपत्तियों पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। होटल यूनियनों ने अभी होटल खोलने में जल्दबाजी न करने की वकालत की है।
होटल कारोबारियों का मत है कि अप्रैल से जून तक चलने वाला समर सीजन वैसे भी प्रभावित हो गया है। आने वाले दिनों में बरसात का मौसम शुरू हो जाएगा। इस दौरान सैलानियों की आमद वैसे भी कम रहती है। शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद का कहना है कि जब तक सैलानियों की आमद शुरू नहीं हो जाती तब तक होटलों को खोलना संभव नहीं है। होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन मैक्लोडगंज के अध्यक्ष अश्वनी बांबा ने बताया कि व्यवसायियों ने होटल 30 जून तक बंद रखने की बात की है। किन्नौर होटल एसोसिएशन के प्रवक्ता शांता नेगी ने बताया कि अधिकतर होटल गांवों में हैं। गांवों में अभी बाहर से आने वालों की एंट्री बंद है। इसलिए अभी होटल खोलना उचित नहीं है। मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने बताया कि सैलानियों है नहीं, इसलिए 30 जून तक मणिकर्ण घाटी के होटल नहीं खुलेंगे। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने भी कहा कि कोरोना के चलते जून में मनाली के होटल नहीं खोले जाएंगे।