हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील परोसने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सरकार से मंजूरी मांगी है। स्कूलों में दोपहर के भोजन के वितरण को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण आने के बाद इस बाबत फैसला होगा। फिलहाल 17 फरवरी से प्रदेश में शुरू हो रही पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की नियमित कक्षाओं के दौरान मिड डे मील नहीं परोसा जाएगा। मार्च 2022 से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील नहीं परोसा जा रहा है। कोरोना संकट के चलते सरकार ने मार्च 2020 में स्कूल बंद कर दिए थे।
बीते दो वर्ष के दौरान कई बार प्रदेश में स्कूलों में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई गई लेकिन मिड डे मील को बंद ही रखा गया। अब कोरोना संक्रमण के मामले कम होने पर खुलने जा रहे स्कूलों में दोपहर का भोजन बांटना है या नहीं। इसको लेकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सरकार से मंजूरी मांगी है। पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को मिड डे मील दिया जाता है। स्कूल बंद रहने के दौरान विद्यार्थियों को हर माह शिक्षक सूखा राशन बांटते रहे हैं। विद्यार्थियों के बैंक खाते में कुकिंग कास्ट का पैसा दिया जाता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में मार्च से बुलाए जाएंगे नौनिहाल
आंगनबाड़ी केंद्रों में मार्च से नौनिहाल बुलाए जाएंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को नियमित तौर पर केंद्रों में आना होगा। स्कूल खुलने के बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कोरोना संक्रमण के मामलों की समीक्षा करने के बाद केंद्रों में बच्चों को बुलाने का फैसला लेगा। इसको लेकर सरकार से मंजूरी भी ली जाएगी। मार्च से छोटे बच्चों को केंद्रों में बुलाने की विभाग ने तैयारी शुरू की है।