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कोरोना बंदिशें: हिमाचल में 31 जनवरी तक बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

Mon, 24 Jan 2022 05:58 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों को 26 जनवरी तक सरकार ने बंद रखने का फैसला लिया था। कोरोना संक्रमण के मामलों के लगातार बढ़़ने के चलते प्रदेश में बंदिशों को 31 तक बढ़ा दिया गया है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद रखने का फैसला लिया है। 
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हिमाचल में स्कूल जनवरी तक बंद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में 31 जनवरी तक शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के मामले बढ़ने पर ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों को कुछ दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। स्कूलों के अलावा आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज व कोचिंग संस्थान भी बंद रहेंगे। प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों को 26 जनवरी तक सरकार ने बंद रखने का फैसला लिया था। कोरोना संक्रमण के मामलों के लगातार बढ़़ने के चलते प्रदेश में बंदिशों को 31 तक बढ़ा दिया गया है।

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इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद रखने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग की ओर से इस बाबत सभी जिला अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है। इन अवकाश के दिनों के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। हर घर पाठशाला कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को व्हाट्सएप के माध्यम से शिक्षण सामग्री भेजी जाएगी। उधर, शीतकालीन स्कूलों में पहले ही 15 फरवरी तक अवकाश दिया गया है। इसके अलावा सभी डिग्री कॉलेजों में पांच फरवरी तक पूर्व निर्धारित शेड़्यूल के तहत छुट्टियां जारी रहेंगी।
 

अधूरे छात्रवृत्ति आवेदनों को 31 से पहले ठीक करने के निर्देश

उधर,  उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कॉलेज प्रिंसिपलों और स्कूल प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर अधूरे छात्रवृत्ति आवेदनों को 31 जनवरी तक दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ हरीश कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्टेट लेवल नोडल अधिकारी की ओर से कई छात्रवृत्ति आवेदनों को चिन्हित किया गया है। कई आवेदनों में विद्यार्थियों की ओर से आवश्यक दस्तावेज साथ में नहीं दिए गए हैं। उन्होंने सभी संबंधित शिक्षण संस्थान प्रभारियों को 31 जनवरी तक इन दस्तावेजों को दुरुस्त करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अधूरे दस्तावेजों के कारण अगर किसी विद्यार्थी को छात्रवृत्ति नहीं मिलती है तो इसके लिए संबंधित संस्थान के प्रभारी जिम्मेदार होंगे।

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