पानी के भारी भरकम बिलों पर मचे हाहाकार के बीच बुधवार को पेयजल कंपनी ने दावा किया कि शहर में सिर्फ 83 उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें 50 हजार से ज्यादा का बिल आया है। यह भी सात महीने का बिल है। साथ ही यह सभी व्यावसायिक उपभोक्ता हैं जिनके भवनों में या तो एक मीटर से दर्जनों किराएदार रखे हैं या फिर स्कूल, होटल आदि चल रहे हैं। इनकी वेरिफिकेशन भी की जा रही है। मीटर रीडिंग शुरू होने से हजारों परिवारों को फायदा हुआ है।
शहर में 11554 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनका मासिक बिल औसतन दो सौ रुपये आ रहा है। पहले फ्लैट रेट के कारण इन्हें साढ़े चार सौ रुपये मासिक बिल देना पड़ रहा था। वहीं, 8074 उपभोक्ताओं का बिल 200 से 400 रुपये के बीच आया है। ऐसे में सिर्फ वही उपभोक्ता पेयजल बिलों पर हाय तौबा मचा रहे हैं जिन्होंने एक ही मीटर लगा रखा है और कई किराएदार रखे हैं। कंपनी इन्हें नये कनेक्शन की सुविधा भी दे रही है, लेकिन ये आवेदन नहीं कर रहे।
शहर में 733 उपभोक्ताओं का सात माह का बिल 50 हजार से ज्यादा आया है। इनमें 650 ऐसे हैं जिन्होंने पिछला बिल जमा नहीं करवाया है। ऐसे में एरियर के साथ इनका बिल 50 हजार से ज्यादा पहुंच गया है। वहीं 1262 उपभोक्ताओं का सात माह का बिल 20 से 50 हजार के बीच रहा है।
पेयजल कंपनी के एजीएम विजय गुप्ता ने कहा कि नए सिस्टम से हजारों उपभोक्ताओं का बिल घटा है। सिर्फ उनका बिल ज्यादा आ रहा है जिन्होंने एक कनेक्शन पर कई किराएदार रखे हैं। यह लोग नए कनेक्शन लेकर बिल घटा सकते हैं।