कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा कि राजनीति में सांप्रदायिकता का बीज डाला जा रहा है। राजनेता हमेशा ऐसी बात करते हैं जो लोगों को धर्म और मजहब के आधार पर बांटती हैं। सियासत में यह लंबे अरसे से चला आ रहा है। मगर खेल खासतौर पर क्रिकेट में ऐसा नहीं है।
क्रिकेट सहनशील बनने की प्रेरणा देता है। राजनीति अगर लोगों को बांटती है तो खेल उन्हें आपस में जोड़ने का काम करता है। शकील अहमद विधायक आशा कुमारी के बुलावे पर चंबा पहुंचे थे। यहां उन्होंने ब्रिजेंद्र सिंह मेमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में भाग लिया। आशा कुमारी कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव भी हैं। बताया कि क्रिकेट में कोई धर्म और मजहब अलग नहीं होता। सभी लोग मिलजुलकर खेलते हैं।
उन्होंने मौजूदा दौर के राजनेताओं को क्रिकेट के खेल से सीख लेने का आह्वान किया। राजनीतिक तौर पर देश में जो माहौल बनाया जा रहा है, उसे खेल के माध्यम से ही खत्म किया जा सकता है। शकील अहमद ने कहा कि युवाओं को खेल के मैदान में उतरना चाहिए और जीतने के लिए संघर्ष करना चाहिए। जो लोग मैदान में नहीं उतरते वो कभी जीत हासिल नहीं कर पाते हैं। उन्होंने प्रदेश में क्रिकेट को बढ़ावा देने में चंबा के राजपरिवार के योगदान की सराहना की।
शकील अहमद ने चंबा में एचपीसीए का नाम लिए बगैर एक बड़ा सवाल हिमाचल की टीम में खेल रहे बाहर के खिलाड़ियों पर उठाया है। उन्होंने चंबा में राजकुमार ब्रिजेंद्र सिंह मेमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन पर कहा कि हिमाचल के युवाओं में बहुत प्रतिभा है और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
जो लोग क्रिकेट खेल रहे हैं, उनके लिए ऐसी व्यवस्था हो कि भविष्य में उन्हें यहां की टीम से खेलने का मौका मिला। हिमाचल की टीम में अपने खिलाड़ी हों और वे बेहतर प्रदर्शन करके भविष्य में भारत की टीम का हिस्सा भी बनें।