उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया है। जयराम भी शिमला का नाम बदलने की तैयारी में हैं। इससे पहले भी डलहौजी का नाम बदलने की चर्चाएं भाजपा करती रही है।
एक बार मुख्यमंत्री आवास ओकओवर का नाम बदलकर शैल कुंज किया गया था। फिर इसे ओकओवर किया गया। सरकार को रोजगार की ओर ध्यान देना चाहिए।
कहा कि इस प्रकार यदि मुख्यमंत्री व्यवहार करेंगे तो प्रदेश में अराजकता का माहौल खड़ा होगा। एआईसीसी सदस्य और प्रदेश कांग्रेेस के पूर्व मुख्य प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने वीएचपी और कुछ भाजपा नेताओं के शिमला का नाम बदलकर श्यामला करने के प्रयास को व्यर्थ समय गंवाने की संज्ञा दी है।
कहा कि इन मुद्दों का मौजूदा समय में कोई औचित्य नहीं है। शिमला का नाम बदलना आसान काम नहीं है। सरकार को नाम बदलने के साथ करोड़ों की राशि भी व्यय करनी पड़ेगी। शिमला का अपना पुराना और लंबा इतिहास रहा है। इससे छेड़छाड़ करने उचित नहीं है।