हिमाचल पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में राज्य सरकार की ढीली जांच प्रक्रिया के विरोध में शनिवार को प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने राजभवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल राजेंद्र प्रसाद आर्लेकर को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच 90 दिन में पूरी करने की मांग की है। साथ ही प्रदेश में खनन, शराब और नशा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। राज्यपाल ने कांग्रेस नेताओं को भरोसा दिलाया है कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में वह सरकार से बातचीत करके तेजी से जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कहेंगे। कांग्रेस पार्टी हाईकोर्ट के जज से मामले की जांच की मांग भी कर रही है।
कांग्रेस के प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू, कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन, विधायक रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, सतपाल रायजादा, लखविंदर सिंह राणा, जिला अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष महेंद्र चौहान सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस प्रचार समिति अध्यक्ष और शिमला शहरी कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतेंद्र चौधरी ने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराना उचित नहीं है। यह जांच एजेंसी केंद्र के अधीन कार्य करती है। इससे इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती। पार्टी हाईकोर्ट के जज से मामले की जांच की मांग कर रही है।
पुलिस भर्ती का पेपर लीक नहीं नीलाम हुआ : अग्निहोत्री
उधर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में कहा कि पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा का पेपर लीक नहीं नीलाम हुआ है। प्रदेश पुलिस मुख्यालय व सचिवालय में बैठे सरकार के कुछ लोगों ने ही इस पेपर को छह से आठ लाख रुपये में बेच कर प्रदेश के दो लाख युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। उन्होंने प्रदेश की जयराम सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एसआईटी में भी सरकार ने पेपर नीलाम करने के दलालों को शामिल कर दिया है। 1,300 पदों के लिए दो हजार अभ्यर्थियों को पर्चे बेचे गए हैं। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा सरकार को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर काम कर रही है। सब कुछ बेचने की साजिश हो रही है।