कौल सिंह की कथित सीडी पर अब राष्ट्रीय कांग्रेस भी हरकत में है। पार्टी ने पूछा है कि क्या इस सीडी से कांग्रेस की छवि पर तो असर नहीं पड़ रहा। अब सीडी मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू हाईकमान को 16 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। इससे पहले वह मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर से अलग-अलग बात करेंगे।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी की तरफ से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू की मानें तो मामले में पूरी गंभीरता बरती जा रही है। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में उन्होंने ऑडियो सीडी मामले पर कांग्रेस हाईकमान की ओर से पार्टी की इमेज पर असर पड़ने के बाबत उनसे कुछ भी पूछे जाने की बात से इंकार किया।
कहा कि अभी फोकस हमीरपुर में हुई हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) की बैठक पर था। पहली बार यह बैठक शिमला से बाहर हुई है। अब हाईकमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री दोनों से ही बात कर तफसील ऊपर भेजेंगे। मामले में कई दिन से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के बीच वाकयुद्ध जारी है।
लिखित शिकायत नहीं, एफआईआर भी नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह की कथित सीडी मामले में शिकायत न मिलने पर शुक्रवार को एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। सीआईडी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है, लेकिन उन्हें कौल सिंह से लिखित शिकायत का भी इंतजार है। कौल सिंह मीडिया के सामने मौखिक तौर पर इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की बात तो कह चुके हैं, लेकिन लिखित में मुकदमा दर्ज करने की दरख्वास्त नहीं दी है।
राज्य सरकार के निर्देश पर मामले की छानबीन का जिम्मा सीआईडी विंग को सौंप रखा है। सीआईडी अपने स्तर पर उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने सीडी जारी की है। इसके लिए सीआईडी की एक टीम दिल्ली की गलियों की खाक छान रही है। सीआईडी को इस मामले से जुड़े कोई ठोस सबूत मिलते हैं तो ही वह अपने स्तर पर मुकदमा कायम कर पाएगी।
अगर ठाकुर कौल सिंह लिखित में शिकायत देते हैं तो एफआईआर तुरंत दर्ज की जाएगी। कौल सिंह स्पष्ट कर चुके हैं कि सीडी में उनकी आवाज नहीं है, सीडी में उनकी आवाज की किसी आर्टिस्ट से नकल करवाई गई है। यह सब उन्हें बदनाम करने की साजिश है। मंत्री ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। अब सरकार मामले की जांच करना चाहती है।
90 लोगों को भेजी गई थी सीडी
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बताई जा रही जिस ऑडियो सीडी से प्रदेश की सियासत में हलचल है, वह कुल 90 लोगों को भेजी गई। स्टेट सीआईडी ने कुछ घंटों की जांच में यह पता लगाया है। यह सीडी नेताओं, पत्रकारों समेत कई अन्य लोगों को भेजी गई है। वीरवार को सीडी कांड की जांच स्टेट सीआईडी को सौंपी गई है। हालांकि, जांच शुरू हो जाने के बावजूद मामले में अभी तक कोई एफआईआर नहीं कराई गई है।
माना जा रहा था कि सीआईडी के शिमला थाने में मामला दर्ज किया जा सकता है। सीडी के सोर्स आफ कंटेंट की जगह सीडी कहां से लीक हुई इस बिंदु पर प्रारंभिक जांच हो रही है। मामले की जांच का जिम्मा सीआईडी के पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) राकेश अग्रवाल को सौंपा गया है।
मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। तथ्य जुटाने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है। अभी स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर या किसी अन्य व्यक्ति के वॉयस सैंपल नहीं लिए गए हैं। - राकेश अग्रवाल, आईजी (अपराध), सीआईडी