समरहिल से शिव मंदिर तक खराब है सड़क, लोग परेशान अमर उजाला ब्यूरो शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से सटी सांगटी पंचायत को जोड़ने वाली समरहिल-सांगटी सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है।
बारिश के कारण सड़क पर हुए गड्ढों में पानी भर जाने से जगह-जगह तालाब बन गए हैं। इससे इस सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समरहिल विश्वविद्यालय से सटी इस पंचायत की आबादी चार हजार से अधिक है। यहां बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के कर्मचारी और छात्र-छात्राएं किराये के कमरों में रहते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण उन्हें दिन के साथ रात के समय भी इस सड़क से पैदल गुजरने में परेशानी हो रही है।
सांगटी पंचायत के प्रधान चमन ठाकुर ने बताया कि समरहिल मोमोज चौक से सांगटी होते हुए समरहिल चौक तक गोलाकार मार्ग में करीब ढाई किलोमीटर सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिससे क्षेत्र के लोग परेशान हैं। सड़क की हालत सुधारने की मांग लोक निर्माण विभाग के समक्ष उठाई गई है। लोक निर्माण मंत्री के समक्ष भी यह मामला रखा गया है। बरसात के बाद सड़क के रखरखाव का काम करने का आश्वासन मिला है।सांगटी निवासी प्रताप ठाकुर, छात्र सचिन अग्रवाल और हनिश शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधीन आने वाली यह सड़क इतनी खराब है कि दिन के समय भी इस पर पैदल चलना मुश्किल है। पानी से भरे गड्ढों के बीच वाहन चलाना भी जोखिमपूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि इसी सड़क से रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी मॉडल स्कूल, समरहिल और बालुगंज स्कूलों के अलावा शहर के कॉलेजों में पढ़ने के लिए आते-जाते हैं। रात को विश्वविद्यालय पुस्तकालय बंद होने के बाद छात्र अपने किराये के कमरों में लौटते हैं। ऐसे में उन्हें पानी से भरे गड्ढों वाली सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। प्रताप ठाकुर ने कहा कि हजारों की आबादी वाले क्षेत्र को जोड़ने वाली इस सड़क की हालत लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता के आधार पर सुधारनी चाहिए, ताकि लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी दूर हो सके।
बरसात के बाद होगा सांगटी सड़क पर पैचवर्क
समरहिल-सांगटी सड़क पर बरसात समाप्त होने के बाद पैचवर्क किया जाएगा। इस सड़क पर विश्वविद्यालय परिसर का पानी आने के कारण इसका ड्रेनेज सिस्टम भी प्रभावित हुआ है। विभाग टारिंग सीजन में सड़क की मरम्मत और पैचवर्क का काम करेगा। -राजेश अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, धामी डिवीजन