हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल रोहतांग दर्रे पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का सकारात्मक असर दिख रहा है। एक तरफ डीजल और पेट्रोल वाहनों की संख्या सीमित होने से पर्यटकों को रोहतांग पहुंचना आसान हुआ है वहीं दूसरी तरफ गतिविधियों पर अंकुश से रोहतांग में बिछी रहने वाली बर्फ की मोटी चादरों की आयु भी बढ़ गई है।
यह जानकारी एनजीटी के जरिए नियुक्त लोकल कमिश्नर एडवोकेट ऋत्विक दत्ता ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में दी है। इस विस्तृत रिपोर्ट में आदेशों पर अमल को जरूरी बताते हुए सिफारिशें भी दी गई हैं।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को स्वत: संज्ञान लिए गए हिमाचल प्रदेश के मामले पर सुनवाई 31 मई के लिए टाल दी। इस दौरान एनजीटी में स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की गई है। इस मामले पर एनजीटी मंगलवार को सुनवाई करेगा।