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Student Union Elections: कॉलेज प्राचार्य छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के पक्ष में नहीं, बोले- मनोनयन बेहतर

Thu, 24 Aug 2023 08:57 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

कॉलेजों के प्राचार्य छात्रसंघ चुनावों की बहाली के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में नए शुरू हो चुके शैक्षणिक सत्र 2023-24 में भी प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव बहाल होने की संभावना नजर नहीं आ रही। 
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के कॉलेजों के प्राचार्य छात्रसंघ चुनावों की बहाली के पक्ष में नहीं हैं। ऐसे में नए शुरू हो चुके शैक्षणिक सत्र 2023-24 में भी प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव बहाल होने की संभावना नजर नहीं आ रही। बुधवार को एचपीयू में कुलपति प्रो. एसपी बसंल की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्रसंघ चुनावों को लेकर राय ली गई। बैठक में मौजूद और वर्चुअल मोड से जुड़े कॉलेज प्राचार्यों ने प्रत्यक्ष की जगह पहले की तरह अप्रत्यक्ष रूप से मेरिट आधार पर मनोनयन से एससीए गठन को लेकर अपनी राय रखी। कॉलेज प्राचार्यों ने तर्क दिया कि अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया के लागू होने के बाद परिसरों में हिंसा की घटनाएं कम हुई हैं।

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यदि चुनाव बहाल किए जाते हैं तो इससे परिसरों में फिर से हिंसा का माहौल बनेगा और शैक्षणिक माहौल प्रभावित होने के पूरे आसार रहेंगे। प्राचार्यों ने दूसरा तर्क दिया कि छात्रसंघ चुनाव करवाए जाने से एक माह तक कक्षाएं प्रभावित होंगी, जबकि पहले ही बरसात के कारण के कक्षाएं शुरू करने में देर हुई है। प्रत्यक्ष चुनाव को लेकर प्राचार्यों से राय लेने के बाद अब मामला अंतिम निर्णय के लिए 29 अगस्त को होने वाली ईसी बैठक में ले जाया जा सकता है। वहीं, इससे प्रदेश सरकार को अवगत करवाया जाएगा। आम तौर पर सरकार ही आज तक छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और प्रतिबंध लगाने पर निर्णय देती रही रही है। इसे ईसी से मंजूरी दिलवाई जाती है।

2014 में परिसरों में हुई हिंसा का हवाला देकर बंद किए थे चुनाव
प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद ने 25 अगस्त 2014 को कॉलेज परिसरों में हुई हिंसा की घटनाओं का हलवा देकर प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद से मेरिट आधार पर एससीए पदाधिकारियों का मनोनयन करके एससीए गठन किया जा रहा है। कोरोना काल में एससीए का गठन नहीं हो पाया था। इससे पूर्व भी 1986 से 88 तक, 1994 से 1999 तक प्रदेश में छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगाई गई थी।

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