संचालकों ने सरकार से की राहत की मांग, कक्षाएं शुरू करने की मिल सकती है अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कोचिंग संस्थानों के संचालकों को 31 जनवरी को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में कक्षाएं शुरू करने की अनुमति मिलने की उम्मीद है। संचालकों का कहना है कि बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह समय बहुत अहम है। कोरोना के कारण सालभर प्रभावित हुई कक्षाओं के कारण कोचिंग संस्थानों में जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए यह बहुत बड़ी राहत साबित होगी।
संस्थानों में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने पर वह शिक्षकों के सीधे संपर्क में आकर परीक्षा की तैयारी को लेकर अलग-अलग विषयों में पेश आ रही परेशानियों को दूर कर सकेंगे। कोचिंग संस्थानों को बंद किए जाने के बाद से ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं लेकिन ऑफलाइन कक्षाओं में अच्छे से सभी विषयों की तैयारी करने के लिए छात्र संस्थानों के खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
कोरोना के कारण एक ओर जहां उनका कामकाज प्रभावित हुुुआ है, वहीं उनके नतीजों पर भी इसका असर पड़ने का डर सता रहा है। एएस विद्या मंदिर लक्कड़ बाजार की निदेशिका नीना गुप्ता ने कहा कि बोर्ड परीक्षार्थियों के साथ ही नीट और जेईई की तैयारी कर रहे छात्र भी लगातार ऑफलाइन कक्षाओं के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर उनके भविष्य से जुड़ा मामला है। कहा कि संस्थान में आने वाले अधिकतर छात्रों को कोविड वैक्सीन का पहला डोज लग चुका है, ऐसे में सीमित संख्या में कक्षाएं संचालित करने की सरकार मंजूरी प्रदान कर सकती है।
एएस विद्यामंदिर के छात्र कुश ने कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के समय में शंकाओं को दूर करने को ऑफलाइन कक्षाओं की बहुत जरूरत है। छात्रा ताशी ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं में नेटवर्क की दिक्क्त पेश आना आम बात है, ऐसे में सरकार कोचिंग संस्थानों में कक्षाएं चलाने को अनुमति दें।
परीक्षाओं की तैयारी हो
रही है प्रभावित : मीणा
एस्पायर संस्थान के संचालक योगेंद्र मीणा ने कहा कि कोचिंग संस्थान बंद होने से छात्रों की परीक्षाओं की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। इसलिए वह उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार उनकी और छात्रों की परेशानियों को देखते हुए मंत्रिमंडल की बैठक में कोचिंग संस्थान खोलने की अनुमति देगी।