मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिमाचल के मुख्य सचिव से टेली कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री का प्रेरोगेटिव है कि उन्हें किससे बात करनी है। इसमें उन्हें क्यों कोई आपत्ति होगी।
मुख्यमंत्री ने यह बात इस सवाल पर कही कि 25 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टेली कांफ्रेंसिंग से देश के मुख्य सचिवों को संबोधित करेंगे। इनमें हिमाचल के मुख्य सचिव भी शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि हिमाचल के दो कैबिनेट मंत्रियों ने इसका खुला विरोध किया था। राजस्व एवं कानून मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा था कि देश भर में भी राज्य सरकारें जनता की ओर से चुनी गई हैं।
ऐसे में कोई भी फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर ही लिया जा सकता है। प्रधानमंत्री को अगर बात ही करनी है तो मुख्यमंत्रियों से करनी चाहिए। यह गलत परंपरा की शुरुआत है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने भी कहा था कि प्रधानमंत्री का मुख्य सचिवों से संवाद स्थापित करना गलत कदम है। इसे जायज नहीं ठहराया जा सकता।