आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को दशहरा उत्सव के समापन समारोह के दौरान कहा कि वे आया राम गया राम नहीं। वे जिस पार्टी के हैं, उसी में रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं नेहरू के समय से पार्टी में हूं। सीएम ने कहा कि राजनीति में रहूं या न रहूं पर लोगों की सेवा करता रहूंगा।
पार्टी एकजुट है। एक-दो लोग जो महत्वाकांक्षा पाल बैठे हैं, वे रात के अंधेरे में बातें करते हैं, दिन के उजाले में वे भी कुछ नहीं बोल पाते। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की ओर से रचाए गए कई मामलों में वे पहले भी बरी हो चुके हैं। इस बार भी भाजपा की ये एक चाल है। संपत्ति के बारे में सीएम ने कहा कि वे कोई खानाबदोश परिवार से नहीं हैं।