बेनामी भूमि सौदों के मामलों में हस्तांतरण में देरी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र्र सिंह ने कहा कि इस तरह के सभी सौदों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इन्हें रद्द किया जाना चाहिए। ऐसी सभी संपत्तियों को सरकार के नियंत्रण में लाया जाए। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नौतोड़ भूमि के आवंटन और लंबित मामलों को निपटारे को कहा। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को क्रियाशील जल विद्युत परियोजनाओं में प्रदेश के युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार दिलाने को भी कहा। मुख्यमंत्री शिमला में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के लिए उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बेनामी सौदों के मामलों में कुछ जिले तीव्र कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिसे गंभीरता से लिया जाएगा। विभिन्न न्यायालयों में सरकार की पैरवी कर रहे लोगों को भी अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लानी चाहिए। उन्होंने राज्य के सीमांत क्षेत्रों में अवैध खनन पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि जो लोग भी इस तरह के मामलों में संलिप्त हैं, पुलिस और जिला प्रशासन को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग माफिया पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऊना और कांगड़ा जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में विभिन्न तरीकों से नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जा रही है। उपायुक्तों ने अपने जिलों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। अधिकांश मामले अंतरविभागीय समन्वय में समस्या, न्यायिक मामलों में देरी, जिलों में पटवारियों तथा अन्य राजस्व स्टाफ की कमी, वन स्वीकृतियां इत्यादि से संबंधित थे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भूमिहीनों, बेघर लोगों को भूमि प्रदान करने, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के क्रियान्वयन, लंबित, निपटाए गए विभाजन और इंतकाल के राजस्व मामलों के बारे में नियमित रूप से सरकार को अवगत करवाया जाए। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक जिले के प्रमुख बिंदु हैं तथा लोगों का कल्याण उनकी शिकायतों का निवारण और संरक्षण प्रदान करना उनके मुख्य दायित्व हैं।
मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे को चालकों, परिचालकों, टायरमैन और तकनीकी कर्मियों को संबंधित परिवहन क्षेत्र से भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने लाहौल स्पिति जिले के लिए पुलिस को दो सेटेलाइट फोन और पूह के लिए एक बस और एक अन्य वाहन भी स्वीकृत किए।
उन्होंने कहा कि यह बैठक हर साल आयोजित की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह अनुदान, अंतरजातीय विवाह और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रतिभूति बांड की प्रक्रिया को समाप्त किया जाना चाहिए और ऐसे मामलों में अंडरटेकिंग ही पर्याप्त है।
शिमला पुलिस को मिले दो यातायात पुलिस स्टेशन- मुख्यमंत्री ने शिमला में दो यातायात पुलिस स्टेशनों की स्थापना तथा नारकोटिक सेल में उप पुलिस अधीक्षक की तैनाती को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए दो छोटी क्रेनें उपलब्ध करवाने पर भी सहमति दी तथा निर्देश दिए कि चालान की राशि का 20 प्रतिशत गृह विभाग को दिया जाना चाहिए, जिससे इस राशि को आगे ट्रैफिक लाइटों के खर्च वहन करने के लिए शिमला पुलिस को वितरित किया जा सके। सीएम ने कहा कि पुलिस विभाग में जल्दी 1500 कांस्टेबलों की भर्ती होगी।
बीपीएल में संभ्रांत परिवारों के नाम शामिल होने पर सीएम तल्ख- सीएम ने कहा कि संभ्रात परिवारों के लोग भी अपने नाम बीपीएल सूची में पंजीकृत करवा रहे हैं जिनमें पंचायत प्रधानों के नजदीकी भी शामिल हैं। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि उन्हें अपने कार्य क्षेत्र में इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाना चाहिए।
गग्गल एयरपोर्ट की सुरक्षा सीआईएसएफ को देने की तैयारी- इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। बैठक में सिंथेटिक नशीली दवाइयों की बिक्री के लिए दवा निरक्षकों द्वारा दवा विक्रेताओं पर निगरानी रखी जाने की मांग उठाई गई।
बैठक में गग्गल हवाई अड्डे की सुरक्षा को हिमाचल प्रदेश पुलिस के बजाय सीआईएसएफ को सौंपने पर चर्चा की गई। यह भी बताया गया कि किन्नौर में सभी जल विद्युत परियोजनाओं का सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है, जिससे इन परियोजनाओं से लोगों को हो रहे नुकसान का आकलन किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश पुलिस गार्जियंस ऑफ द हिल्स किताब का विमोचन- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश पुलिस की काफी टेबल बुक हिमाचल प्रदेश पुलिस गार्जियंस ऑफ द हिल्स का विमोचन किया। हिमाचल कैडर के आईपीएस और शिमला रेंज के आईजी जहूर हैदर जैदी की ओर से लिखित इस किताब में हिमाचल पुलिस के गठन से लेकर उसके गौरवमयी इतिहास और उसकी उपलब्धियों को संकलित किया गया है।
बताया गया है कि किस तरह अपनी सही रणनीतियों की बदौलत हिमाचल पुलिस ने प्रदेश को देश के सबसे सुरक्षित प्रदेशों में से एक बनाने का काम किया है। इस दौरान सीएम ने हिमाचल पुलिस के सराहनीय कार्यों की तारीफ की और उम्मीद जताई कि वह आगे भी इसी तत्परता के साथ प्रदेश की सेवा और सुरक्षा करेगी।
एडीजीपी लॉ एंड आर्डर संजय कुंडू ने बताया कि इस किताब में हिमाचल पुलिस की विभिन्न उपलब्धियों को समेटकर किताब का रूप दिया है। किताब में हिमाचल पुलिस की परंपराओं और उपलब्धियों के अलावा प्रदेश की सुरक्षा व कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने के कारगर तरीकों का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा किताब में हिमाचल पुलिस ने देश के पहले पुलिस डाग स्क्वायड का गठन कैसे किया और किस तरह नशे के कारोबार को रोकने और खत्म करने के लिए उपाय किए हैं, इस बारे में बताया गया है। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और दलाईलामा के संदेशों के साथ
तैयार की गई इस किताब को पूरा करने में एसपी गुरुदेव चंद शर्मा, एएसआई विनोद कौशिक, सत्य प्रकाश और कांस्टेबल पवन कुमार ने आईजी जैदी ने सहयोग किया। किताब के विमोचन पर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह पीसी धीमान, डीजीपी संजय कुमार, आईजी जहूर जैदी व अन्य अधिकारी मौजूद थे।