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केंद्रीय विवि मसले पर रविंद्र रवि का सीएम पर बड़ा हमला

Sat, 06 Feb 2016 09:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नूरपुर (कांगड़ा)
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सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मसले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच पूर्व भाजपा मंत्री और देहरा से विधायक रविंद्र सिंह रवि ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सीएम पर कांगड़ा के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांगड़ा से भेदभाव उनके डीएनए में है।
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शनिवार को नूरपुर स्थित लोनिवि के विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा नेता रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि केंद्र की पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2010-11 में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से देहरा में केंद्रीय विवि का मुख्य कैंपस स्थापित करने की अधिसूचना जारी की गई थी।

जिसके तहत प्रारंभिक चरण में 900 कनाल भूमि का इंतकाल भी सीयू के नाम हो चुका है और हाल ही में करीब 2500 कनाल अतिरिक्त वन भूमि की केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी भी जारी हो चुकी है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अड़ियल रवैये के चलते न सिर्फ केंद्रीय विवि का निर्माण आगे सरकता जा रहा है,
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बल्कि पिछले तीन साल में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के आधारभूत ढांचे व अन्य कार्यों के लिए आवंटित होने वाले बजट राशि के करीब 3 हजार करोड़ रुपये भी लैप्स हो चुके हैं। रवि ने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित प्रदेश की ज्यादातर बड़ी विकास योजनाएं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में स्वीकृत हुई हैं, फिर चाहे केंद्र में यूपीए की सरकार रही हो या एनडीए की।

जबकि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने कार्यकाल में केंद्र प्रायोजित कोई भी बड़ी विकास योजना लाने में नाकाम साबित रहे है। रवि ने विधायक प्राथमिकता बैठक के बहिष्कार करने के सवाल पर स्पष्ट किया कि पिछले लगातार तीन सालों से विधायकों द्वारा प्रेषित सभी प्राथमिकताओं की अनदेखी होती आ रही है।

जबकि बीते तीन साल में प्रदेश के कुल 68 विस हलकों में मात्र चार-पांच हलकों में जनस्वास्थ्य एवं सिंचाई योजनाओं के अलावा सड़क निर्माण के लिए नाबार्ड के तहत 100 से 250 करोड़ रुपये का हरेक विस क्षेत्र में बजट आवंटन भी अपने आप में विकास में भेदभाव की मिसाल है।
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