हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी व अन्य के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की सुनवाई 15 सितंबर तक टल गई। दरअसल न्यायमूर्ति विपिन सांघी के समक्ष मुख्यमंत्री की तरफ से उपस्थित वकील ने अदालत को बताया कि मामले में पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल सर्वोच्च न्यायालय में व्यस्त हैं, ऐसे में सुनवाई टाल दी जाए।
वहीं सीबीआई की ओर से पेश अधिवक्ता ने तर्क रखा कि इस मामले में आरोपपत्र तैयार है और उसे दाखिल करने की इजाजत दी जाए। वीरभद्र सिंह जानबूझ कर मामले को लटकाना चाहते है और पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वीरभद्र सिंह की याचिका पर एक अक्तूबर 2015 को अपने अंतरिम आदेश में उनकी गिरफ्तारी, पूछताछ या अदालत की अनुमति के बिना इस मामले में सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने पर रोक लगा दी थी।