मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि तीसा प्रकरण (चंबा, हिमाचल) के पीछे आरएसएस का हाथ है। आरएसएस के लोग कुछ हिंदू संगठनों के साथ मिलकर इस मामले को भड़का रहे हैं। सीएम ने कहा कि भाजपा तो हमेशा हिंसा में विश्वास रखती है। हालांकि, तीसा में अभी हालात नियंत्रण में हैं। मुख्यमंत्री सर्किट हाउस धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल है। मैंने कभी नहीं कहा कि सरकार और संगठन के बीच तालमेल नहीं है। सरकार और संगठन के बीच कोई मतभेद नहीं है। मुख्यमंत्री को हटाने के लिए करीब आधा दर्जन कांग्रेस विधायकों की ओर से हाईकमान को लिखे पत्र को वीरभद्र सिंह ने महज काल्पनिक करार दिया। उन्होंने कहा कि हाईकमान को ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा गया है।
सुक्खू और सीएम के बीच लगातार तीखी बयानबाजी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी तुलना सुक्खू से मत कीजिए। अगर उनकी बयानबाजी का जवाब भी देना होगा तो कोई और आदमी देगा, मैं नहीं। अगर मेरे खिलाफ कोई बयानबाजी की है तो यह उनके विवेक पर निर्भर करता है। प्रदेश में संगठन और सरकार मजबूत हैं।
सीएम ने कहा कि गुड़िया प्रकरण कुछ राजनेताओं और मीडिया की साजिश है। भाजपा ने निर्मम हत्या का सहारा लेकर हिमाचल में अराजकता फैलाने की कोशिश की, फिर भी सरकार ने संयम से काम किया। विपक्ष के पास कोई मुद्दा ही नहीं, इसलिए ऐसे केस उछाले जा रहे हैं।
घटना के आरोपियों से नहीं बरती जाएगी कोई रियायत
तीसा छात्रा रेप और अध्यापकों की पिटाई मामले को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अशांति फैलाने वालों को नहीं बख्शा जाएगा। कहा कि कानून अपना काम करेगा और छानबीन पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी। मुख्यमंत्री सोमवार को मिंजर मेला पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे।
कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केवल मात्र राजनीति कर रहा है और यह सामुदायिक सौहार्द में दरार पैदा करने की मंशा के लिए किया जा रहा है। चंबा जिला के तीसा में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना के आरोपियों से कोई रियायत नहीं बरती जाएगी और कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता के साथ करेगा।
मुख्यमंत्री ने यह बात मिंजर मेला पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केवल मात्र राजनीति कर रहा है और यह सामुदायिक सौहार्द में दरार पैदा करने की मंशा के लिए किया जा रहा है।
बाली, मनकोटिया पर बोले सीएम- दो दीवाने मिल बैठे
परिवहन मंत्री जीएस बाली और मेजर विजय सिंह मनकोटिया की मुलाकातों पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि अच्छा है दो दीवाने मिल बैठे। ऐसी मीटिंगों से मेरी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। सीएम ने कहा कि मनकोटिया ने इससे पहले भी फर्जी सीडी से मुझ पर आरोप लगाए थे।
तब उन्होंने कहा था कि सीडी किसी ने मेरे लेटर बॉक्स में डाल दी, लेकिन सच यह था कि सीडी कांड की साजिश मनकोटिया और धूमल ने मिलकर रची थी। आखिर सीडी प्रकट होते ही चंद मिनटों में पूरे हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में कैसे बंटनी शुरू हो गई। इसका मतलब तो यही था कि साजिश पूर्व नियोजित थी।
तीसा प्रकरण पर वीएचपी ने सरकार को चेताया
चंबा के तीसा में स्कूली छात्रा से दुराचार के बाद से उपजे विवाद में अब विश्व हिंदू परिषद भी कूद पड़ा है। सोमवार को परिषद ने बयान जारी कर कहा है कि एक संप्रदाय ने जिस तरह स्कूल के अध्यापकों के साथ मारपीट की है, उसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सरकार पर दमनकारी नीति अपनाकर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप भी लगाया गया। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अमन पुरी ने कहा कि जब पुलिस ने आरोपी अध्यापक को गिरफ्तार कर लिया था तो निर्दोष अध्यापकों पर क्यों हमला किया गया। उन्होंने कहा कि लगातार सरकार की अनदेखी के चलते ही प्रदेश में सांप्रदायिक माहौल बिगड़ रहा है।
अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो हिमाचल जैसे हिंदू बहुल प्रदेश के हालात भी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर जैसे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि संप्रदाय विशेष का आक्रामक होना, सरकार का आंखें मूंदे रहना और आईएस जैसे
संगठनों के आतंकियों का पकड़ा जाना हिमाचल में किसी बड़े खतरे की ओर इशारा कर रहा है। अगर सरकार ने जल्द निर्दोष अध्यापकों पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो विहिप बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।
धूमल ने बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने प्रदेश में बढ़ते आपराधिक मामलों पर सरकार को घेरा। कहा कि गुड़िया प्रकरण के बाद अब चंबा के तीसा में जो घटा, वह बेहद शर्मनाक है। इस घटना से एक बार फिर सरकार की निष्क्रियता सामने आई है। समाज विरोधी तत्वों और चरित्रहीन लोगों को सरकार और पुलिस प्रशासन का कोई भय नहीं है।
ऐसा लगता है कि वास्तव में प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। धूमल ने कहा कि तीसा में घटी घटना इकलौती घटना नहीं है। प्रतिदिन ऐसी घटनाएं हर जिले में हो रही हैं। शिमला में गुड़िया के गैंगरेप और हत्या की सीबीआई जांच कर रही है। मंडी जिले की मोनिका और वनरक्षक होशियार सिंह की हत्या की जांच भी सीबीआई से करवाने की मांग सरकार से हो रही है।
कहा कि कुल्लू में 8 वर्षीय बच्ची का बलात्कार व हत्या का मामला लोगों को आंदोलित कर रहा है। बिलासपुर जिले की तीन घटनाओं जिसमें 6 वर्षीय बच्ची, नाबालिग लड़की और कॉलेज छात्रा से दुराचार का मामला इसका प्रतीक है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर है।
धूमल ने मुख्यमंत्री के तीसा में सांप्रदायिक तनाव के बयान को अत्यंत निंदनीय करार दिया। कहा कि इतने संवेदनशील मामले घट रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सूचना मिलने के बाद भी मौके पर नहीं जा रहे। मुख्यमंत्री का तीसा नहीं जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। विपक्ष पर दोषारोपण करने की बजाए सरकार कानून व्यवस्था की स्थिति को सुधारे या फिर सत्ता से त्यागपत्र देकर बाहर हो जाए।