शिमला में बजट के बाद पत्रकारों से बातचीत करते मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह।
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मुख्यमंत्री का बजट शिमला सिटी के लिए मिलाजुला रहा है। बजट में आम जनता की मूलभूत सुविधाओं का लेशमात्र ध्यान रखा गया है, लेकिन कुछ बड़ी घोषणाएं शहर के लिए हुई हैं। शिमला में लॉ यूनिवर्सिटी के रूप में वीरभद्र सिंह ने सबसे बड़ा तोहफा दिया है। इसके अलावा शिमला के कोटला में इंजीनियरिंग कॉलेज की घोषणा से भी जनता का दिल जीतने की कोशिश सीएम ने की है।
पर्यटन की दृष्टि से बढ़ावा देने के लिए शिमला सिटी को एक हैलीपेड का तोहफा दिया गया है। कैथलीघाट- शिमला राष्ट्रीय उच्च मार्ग को फोर लेन के लिए केंद्र सरकार से मामले उठाने की बात कही गई है लेकिन यह धरातल पर कब लागू होगा यह भविष्य के गर्भ में है। घणाह्टी के समीप खुलेगा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय खोलने की बात कही गई है और शिमला के कोटला में इंजीनियरिंग कालेज खुलेगा।
इधर, पीलिया के खौफ में जी रही शहर की जनता को नई पेयजल परियोजनाओं का तोहफा नहीं मिला। बल्कि बजट में बजट में शहर की मल निकासी प्रणाली के नवीनीकरण करने की बात कही गई है और इसके लिए नगर निगम और आईपीएच महकमे को बजट दिए जाने का भी वायदा किया गया है।
लोगों को स्वच्छ पानी मुहैया हो इसके लिए प्रदेश स्तर पर ठोस योजना तैयार की गई है और इसी योजना के दायरे में शिमला शहर भी आएगा। ट्रैफिक का बोझ कम करने के लिए और ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए सर्कुलर रोड के विस्तार की बात कही गई है और वैकल्पिक सड़कों के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नगर निगम की सड़कों और पार्क के निर्माण के लिए चार करोड़ का बजट दिया गया है।