मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने आईजीएमसी शिमला में लेवल वन ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह ट्रॉमा सेंटर चौबीस घंटे कार्यशील रहेगा और इसमें सभी संबंधित छह विभाग न्यूरोसर्जरी, रेडियोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एनेस्थीसिया, ऑर्थोपेडिक्स और जनरल सर्जरी तीन शिफ्टों में संचालित होंगे। इस सेंटर में नर्सिंग और सहायक कर्मचारियों की एक समर्पित टीम भी सेवाएं देगी। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल की ओर से नर्सिंग व पैरा-मेडिकल स्टाफ के 136 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई है।
सीएम सुक्खू ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि गहन देखभाल इकाइयों की बढ़ती जरूरत के मद्देनजर विशेष रूप से दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक मरीजों की पहुंच और उपलब्धता को बढ़ाना आवश्यक है। आईजीएमसी शिमला में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना से राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को मजबूती मिलेगी। सुक्खू ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में कार्य की तीन शिफ्ट से न केवल डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों का काम का बोझ कम होगा, बल्कि उनके लिए काम करने की अधिक अनुकूल परिस्थितियां भी उपलब्ध होंगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को उनके स्वास्थ्य लाभ की अवधि के दौरान सर्वोत्तम देखभाल मिले। इससे उच्च लागत में उपलब्ध होने वाली निजी स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं जैसी समस्याओं का भी हल होगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं आम आदमी की पहुंच में होंगी।
सभी मेडिकल कॉलेजों में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में अत्याधुनिक तकनीक शामिल कर रही है और राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस उद्देश्य के लिए सक्रिय रूप से बुनियादी ढांचा तैयार करने के साथ-साथ कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दे रहा है। उच्च स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे की स्थापना और इन सेवाओं को सस्ती दरों पर आम जनमानस को प्रदान करना राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय है